Tuesday, July 21

गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर दिखी बुंदेलखंड की संस्कृति, कलिंजर का एकमुखी लिंग बना झांकी का केंद्र

 

 

लखनऊ/नई दिल्ली: दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में उत्तर प्रदेश की झांकी ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। यह झांकी प्राचीन विरासत और आधुनिक विकास का अनोखा संगम पेश करती नजर आई। बुंदेलखंड की शाश्वत भव्यता और उत्तर प्रदेश के तेजी से बदलते और प्रगतिशील स्वरूप को झांकी में बखूबी दर्शाया गया।

 

कलिंजर का एकमुखी लिंग और बुंदेलखंड की विरासत

 

झांकी में कलिंजर किले की नक्काशीदार पत्थर की संरचना और एकमुखी लिंग का प्रदर्शन हुआ।

यह लिंग बुंदेलखंड की आध्यात्मिक जड़ों और असाधारण वास्तुकला का प्रतीक है।

झांकी में मिट्टी के बर्तन, मनके का काम और जीवंत स्थानीय हाट के माध्यम से बुंदेलखंड की शिल्पकला दिखाई गई।

नीलकंठ महादेव मंदिर को भी झांकी में दर्शाया गया, जो क्षेत्र की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को उजागर करता है।

 

बुंदेली संस्कृति और ODOP

 

झांकी में पारंपरिक बुंदेली कला, लोक नर्तक और सांस्कृतिक प्रदर्शन प्रस्तुत किए गए।

बुंदेलखंड की शिल्पकला अब ODOP (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) के तहत क्षेत्र की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान का हिस्सा बन चुकी है।

यह झांकी पारंपरिक आजीविका और आत्मनिर्भरता को भी उजागर करती है।

 

आधुनिक उत्तर प्रदेश की झलक

 

झांकी में एक्सप्रेसवे, औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे और नए जमाने के विनिर्माण के दृश्य भी शामिल थे।

यह प्रदेश की प्रगति, आत्मविश्वास और विकासशील दृष्टिकोण को दर्शाता है।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग झांकी का आनंद लेने और वीडियो बनाने के लिए रुके।

 

इस झांकी के जरिए उत्तर प्रदेश ने प्राचीन विरासत और आधुनिक विकास के बीच संतुलन का संदेश देते हुए राज्य की विविधता और सामर्थ्य को पूरे देश के सामने प्रस्तुत किया।

 

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