Tuesday, July 21

UGC बिल 2026: 2012 के नियम हटाने पर बिहार में तेज विरोध, सवर्ण समाज में रोष

 

पटना/हाजीपुर: बिहार में यूजीसी बिल 2026 को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। पटना से लेकर हाजीपुर तक अलग-अलग संगठनों और छात्र नेताओं ने सड़क और सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। विरोध का केंद्र 2012 के एक पुराने नियम को हटाए जाने को माना जा रहा है।

 

कौन सा नियम है विवादित

UGC के नए कानून में 2012 के उस नियम को हटा दिया गया है, जो झूठी शिकायतों को रोकता था। विरोधियों का कहना है कि इस बदलाव से सामान्य वर्ग के शिक्षक और छात्र झूठी शिकायतों का शिकार हो सकते हैं। यदि किसी पर झूठी शिकायत की जाती है तो शिकायत करने वाले के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। पुराने नियम में इसके लिए दंड का प्रावधान था, जिसे अब हटा दिया गया है।

 

बिहार-झारखंड में विरोध तेज

बिहार और झारखंड के कई संगठनों ने इसे संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताया है। सामान्य वर्ग के छात्र इसे SC/ST एक्ट की तरह समझ रहे हैं और इसे सामाजिक न्याय के खिलाफ मान रहे हैं। विरोध का निशाना विशेष रूप से केंद्र और राज्य में सत्ताधारी NDA के नेता, मंत्री और विधायक हैं।

 

हाजीपुर में प्रदर्शन

हाजीपुर में शेर सिंह राणा की अगुवाई में RJD के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर यूजीसी बिल का विरोध किया। सोशल मीडिया पर भी गुस्सा साफ देखा जा सकता है। एक यूजर ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को संबोधित करते हुए लिखा कि “UGC बिल वापस लो, जय हिंद जय भारत।”

 

अब आगे क्या होगा?

बिहार में विरोध प्रदर्शन के बीच सवर्ण नेताओं और छात्रों में गुस्सा बढ़ रहा है। बीजेपी के कुछ नेता भी खुले तौर पर सोशल मीडिया पर बिल के खिलाफ अपने विचार रख रहे हैं। राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि बिल को लेकर सामाजिक और राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ेगा।

 

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