Tuesday, July 21

10 लाख या 30 लाख? हाथ से मैला साफ करने की मौत पर सुप्रीम कोर्ट ने तय किया मुआवजा

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मैनुअल स्कैवेंजिंग (हाथ से मैला साफ करने) के दौरान हुई मौतों के मुआवजे को लेकर अहम निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगर अक्टूबर 2023 तक ऐसे मामलों में कोई एक्स ग्रेशिया (अतिरिक्त मुआवजा) नहीं दिया गया था, तो संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मृतक के आश्रितों को 30 लाख रुपये का मुआवजा देना होगा।

 

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि जिन मामलों में पहले ही 2023 के फैसले से पहले 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया था, उन्हें दोबारा नहीं खोला जाएगा। यह स्पष्टीकरण नेशनल लीगल सर्विस अथॉरिटी (NALSA) की आवेदन पर आया, क्योंकि अलग-अलग हाई कोर्ट इस मामले को अलग तरीके से लागू कर रहे थे।

 

NALSA की ओर से पेश एडवोकेट रश्मि नंदकुमार ने बताया कि मैनुअल स्कैवेंजर के आश्रित, जिनकी मौत 20 अक्टूबर 2023 से पहले हुई और जिन्हें 10 लाख रुपये का मुआवजा मिला था, वे अतिरिक्त 20 लाख रुपये के हकदार होंगे। वरिष्ठ अधिवक्ता परमेश्वर ने भी कहा कि 2014 के पुराने फैसले के अनुसार 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया था, लेकिन 2023 के फैसले से पहले हुई मौतों के मामले में नए नियम के तहत 30 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा।

 

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से मैनुअल स्कैवेंजिंग में मौतों के मामलों में मुआवजे का स्पष्ट दिशा-निर्देश तय हो गया है।

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