Tuesday, July 21

गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार भैरव बटालियन, सूर्यास्त्र और दो कूबड़ वाले ऊंट–टट्टू की झलक

नई दिल्ली: 77वें गणतंत्र दिवस परेड में इस बार कई नई झलकियों ने दर्शकों का ध्यान खींचा। नवगठित भैरव लाइट कमांडो बटालियन, शक्तिबाण रेजिमेंट और सटीक मारक क्षमताओं से लैस रॉकेट सिस्टम ‘सूर्यास्त्र’ पहली बार कर्तव्य पथ पर दिखाई दिए।

 

परेड में घुड़सवार 61वीं कैवलरी के सदस्य लड़ाकू वर्दी में मार्च करते दिखे। टुकड़ी का नेतृत्व कैप्टन अहान कुमार ने किया, जो हनोवरियन घोड़े ‘रणवीर’ के साथ मार्च में शामिल रहे। पहली बार दो कूबड़ वाले बैक्ट्रियन ऊंट और जांस्कर टट्टू ने भी परेड में हिस्सा लिया, जिससे दर्शकों में उत्साह और जिज्ञासा का माहौल बना।

 

भारी थर्मल वर्दी में मिश्रित स्काउट्स की टुकड़ी भी पहली बार परेड का हिस्सा बनी। विशेष जूते, बहुस्तरीय पोशाक और धूप से बचाने वाले चश्मों में मार्च करते हुए उनकी टीम को दर्शकों ने जोरदार तालियों से सम्मानित किया।

 

नई शक्तिबाण रेजिमेंट का प्रदर्शन भी पहली बार हुआ। इसमें ड्रोन, काउंटर-ड्रोन और लोइटर म्यूनीशन शामिल हैं। भैरव लाइट कमांडो बटालियन, जो तेज प्रतिक्रिया और उच्च-तीव्रता वाले अभियानों के लिए बनाई गई है, ने अपने दमदार प्रदर्शन से दर्शकों को प्रभावित किया।

 

परेड में ब्रह्मोस, आकाश मिसाइल प्रणाली, एमआरएसएएम, उन्नत आर्टिलरी गन सिस्टम, धनुष तोप और कुछ ड्रोन भी प्रदर्शित किए गए। डीआरडीओ ने लंबी दूरी की पोत विध्वंसक हाइपरसोनिक मिसाइल (एलआर-एएसएचएम) का प्रदर्शन किया, जो स्थिर और गतिशील लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है।

 

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