Tuesday, July 21

NEET छात्रा केस: पिता और भाई का DNA क्यों लिया गया? पप्पू यादव भड़के, पटना पुलिस पर साधा निशाना

पटना: पटना में NEET की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब और पेचीदा हो गया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में इसे ‘आत्महत्या’ माना गया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की आशंका सामने आने के बाद मामले की दिशा पलट गई।

जांच कर रही SIT ने अब तक 6 संदिग्धों के DNA सैंपल लिए हैं। ये वे लोग हैं जिन्हें घटना वाले दिन हॉस्टल के आसपास CCTV फुटेज में देखा गया था। फॉरेंसिक जांच में छात्रा के शरीर पर वीर्य के अंश (Semen traces) मिलने के बाद, इन नमूनों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेजा गया है। पुलिस का मानना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के जरिए मुख्य आरोपी की पहचान की जा सकेगी।

पिता और भाई के DNA सैंपल पर विवाद:
इस मामले में नया मोड़ तब आया जब जांच टीम ने मृतका के पिता, भाई और मामा के भी DNA सैंपल लिए। इस कार्रवाई पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर पुलिस को ‘बेगैरत’ बताया और कहा कि जो परिवार इंसाफ के लिए लड़ रहा है, पुलिस उन्हें ही अपमानित कर रही है। पप्पू यादव ने सवाल उठाया कि यदि परिवार का कोई सदस्य संलिप्त होता, तो पुलिस विरोध क्यों नहीं करती?

दो थाना प्रभारियों पर कार्रवाई:
जांच में लापरवाही बरतने और संदिग्धों के खिलाफ समय पर कार्रवाई न करने के आरोप में कदमकुआं के अपर थानाध्यक्ष हेमंत झा और चित्रगुप्त नगर की थानाध्यक्ष रोशनी कुमारी को निलंबित कर दिया गया। एसएसपी कार्यालय के आदेश के अनुसार, दोनों अधिकारियों ने सूचनाओं के संग्रह और कर्तव्यों के निर्वहन में भारी शिथिलता बरती।

शुरुआत में पुलिस इस मामले को आत्महत्या बताने पर अड़ी रही थी, लेकिन परिजनों के दबाव और मेडिकल साक्ष्यों ने इसे दुष्कर्म और हत्या की दिशा में मोड़ दिया है। पुलिस अब कॉल डिटेल्स और वैज्ञानिक साक्ष्यों के जरिए मुख्य आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.