Tuesday, July 21

यमन पर मतभेद के बावजूद UAE के साथ रिश्ते अहम, सऊदी अरब ने सुधार के दिए संकेत

 

 

रियाद: सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कहा है कि यमन और अन्य मामलों में मतभेद होने के बावजूद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ मजबूत रिश्ते बनाए रखना सऊदी अरब के लिए बेहद जरूरी है। फैसल ने यह बयान ऐसे समय में दिया है, जब यमन में प्रभाव बढ़ाने के मुद्दे पर दोनों देशों में हालिया हफ्तों में टकराव देखा गया।

 

अल अरबिया न्यूज के अनुसार फैसल ने कहा, “हमारे नजरिए से यूएई के साथ संबंध अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यह क्षेत्रीय स्थिरता का अहम तत्व है। सऊदी हमेशा ही GCC (गल्फ काउंसिल) के भीतर यूएई के साथ अच्छे और सकारात्मक संबंध बनाए रखने के लिए तत्पर रहा है।”

 

यमन पर हुए मतभेद को स्वीकार करते हुए फैसल ने कहा कि “सच्चाई यह है कि हमारे विचार यमन को लेकर अलग हैं। यूएई ने अब यमन छोड़ने का फैसला किया है। अगर ऐसा होता है, तो सऊदी अरब वहां जिम्मेदारी लेगा। इसके बावजूद दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। यह न केवल आपसी बल्कि पूरे क्षेत्र के हित में भी जरूरी है।”

 

पिछले साल के आखिर में यमन में अलग-अलग गुटों का समर्थन लेकर सऊदी और यूएई के बीच टकराव सामने आया था। इसके बाद सऊदी अरब ने यूएई समर्थित गुटों पर कार्रवाई की और यूएई को यमन छोड़ना पड़ा। इस घटना के बाद दोनों देश कभी गुपचुप तो कभी सीधे तौर पर एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हुए।

 

विशेषज्ञों का कहना है कि सऊदी अरब और यूएई के बीच क्षेत्रीय प्रभाव की होड़ ने विवाद को बढ़ाया, लेकिन फैसल का यह बयान संकेत देता है कि दोनों देशों के बीच दोस्ती और रणनीतिक तालमेल को पुनः सुदृढ़ करने की कोशिशें जारी हैं।

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