Wednesday, July 22

यूक्रेन ने बनाई टॉमहॉक जैसी मिसाइल, रूसी Su-57 जेट की फैक्ट्री पर हमला कर पुतिन को बड़ा झटका

 

 

कीव: अमेरिका से टॉमहॉक क्रूज मिसाइल न मिलने के बावजूद, यूक्रेन ने फ्लेमिंगो FP-5 नाम की लंबी दूरी की, कम ऊंचाई पर उड़ने वाली सबसोनिक क्रूज मिसाइल विकसित कर ली है। यूक्रेन का दावा है कि इसी मिसाइल से उसने रूस के Su-57 सहित Su-34 और Su-35 लड़ाकू जेट के उत्पादन स्थल को निशाना बनाया।

 

यूक्रेन के मुताबिक, इस मिसाइल का पहला इस्तेमाल अगस्त 2025 में क्रीमिया के आर्मियांस्क में रूसी FSB चौकी पर किया गया। इसके बाद सितंबर में बेलगोरोड स्थित स्किफ-एम फैसिलिटी को निशाना बनाया गया, जो रूस के प्रमुख लड़ाकू जेट की टूलिंग और उत्पादन फैक्ट्री है।

 

यूक्रेनी मीडिया की नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चारों मिसाइलों ने टारगेट को सटीक निशाना बनाया और फैक्ट्री में भारी नुकसान पहुंचाया। सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण से पता चला है कि फैसिलिटी की मरम्मत अब भी अधूरी है, जो इस हमले की गंभीरता को दर्शाता है।

 

रूस ने पहले दावा किया था कि चार में से केवल एक मिसाइल ही लक्ष्य तक पहुंची थी, लेकिन OSINT एनालिस्ट्स के अनुसार, सभी चार फ्लेमिंगो मिसाइलें अपने टारगेट से केवल 80 मीटर के भीतर गिरीं। इससे संकेत मिलता है कि रूस ने हमले के असर को कम करके दिखाने की कोशिश की थी।

 

यूक्रेन के इस हमले ने उसकी लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमता और रूसी एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने की क्षमता को भी साबित किया है। इस हमले से रूस को बड़ा नुकसान हुआ और पुतिन को सीधे तौर पर झटका लगा।

 

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