Tuesday, July 21

नोएडा हादसा: कारों में लाइफ जैकेट अनिवार्य करने की मांग तेज, इंजीनियर की मौत ने उजागर की प्रशासनिक लापरवाही

नई दिल्ली/नोएडा: नोएडा सेक्टर-150 में हुए दर्दनाक हादसे में इंजीनियर युवराज की मौत ने सिस्टम की खामियों और प्रशासनिक उदासीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद लोगों ने जोर देकर कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।

NBT ने अपने पाठकों से सुझाव मांगे, जिनमें से कई में प्रशासनिक कार्रवाई और सुरक्षा उपायों की सख्त मांग सामने आई।

पाठकों के सुझाव:

  • एक रीडर ने कहा कि “नीचे से ऊपर तक सभी जिम्मेदार अधिकारियों को सस्पेंड किया जाए और विभागों के फंड रोके जाएं। जब जनता को सेवाएं नहीं मिल रही, तो उसका टैक्स क्यों बर्बाद किया जाए।”

  • कृष्ण कांत भारद्वाज ने कहा कि प्रशासन को केवल गंभीर घटनाओं से ही नहीं, बल्कि समय रहते सतर्क होकर कार्रवाई करनी चाहिए। “हादसे देश की प्रशासनिक छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे पहले रोकथाम क्यों नहीं होती?” उन्होंने सवाल उठाया।

  • गरुण कुमार नाले ने सुझाव दिया कि “हर कार में कम से कम चार लाइफ सेफ्टी जैकेट रखी जाएं। आए दिन नाले, जलभराव और अंडरपास में डूबने की घटनाएं हो रही हैं। लाइफ जैकेट ऐसे समय में जान बचा सकती हैं।”

  • निकुंज ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जाना चाहिए, तभी कानून का डर बनेगा और लापरवाही रुकेगी।

  • यशपाल ने मांग की कि बचाव संस्थानों के संसाधनों को बढ़ाया जाए और समयबद्ध समाधान की ठोस व्यवस्था हो, ताकि हादसों के समय त्वरित कार्रवाई संभव हो और किसी भी तरह की देरी या लापरवाही न हो।

हादसे ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक जवाबदेही और नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अब समय आ गया है कि कानून का सख्त पालन हो और हर कार में सुरक्षा उपकरणों को अनिवार्य किया जाए।

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