Tuesday, July 21

नेटवर्क प्रॉब्लम के बावजूद वसूला बिल, कंज्यूमर कोर्ट ने एयरटेल पर ठोंका जुर्माना

नई दिल्ली: दिल्ली की उपभोक्ता अदालत ने भारती एयरटेल को लो नेटवर्क कनेक्टिविटी की शिकायत का समाधान किए बिना बिल वसूलने और ग्राहक को मानसिक कष्ट देने के लिए ‘सेवा में कमी’ का दोषी ठहराया। अदालत ने एयरटेल को शिकायतकर्ता को 15,000 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया।

अदालत का फैसला
साउथ दिल्ली की डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन की अध्यक्ष मोनिका ए. श्रीवास्तव और सदस्य किरण कौशल की बेंच ने आदेश में कहा कि एयरटेल ने शिकायतकर्ता की समस्याओं को हल न करने के बावजूद चार्ज वसूला। अदालत ने इसे सेवा में कमी माना और पीड़ित को मानसिक परेशानी व मुकदमेबाजी की लागत के लिए मुआवजा देने का निर्देश दिया।

मामले की पृष्ठभूमि
एंड्रयूज गंज निवासी राजेश नेगी ने 20 जनवरी को कोर्ट में शिकायत दर्ज करवाई। राजेश 18 साल से एयरटेल के पोस्टपेड कस्टमर हैं। उनका कहना है कि कई महीनों से मोबाइल नेटवर्क लो होने की समस्या थी। कस्टमर केयर से कई बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ और एयरटेल ने 3,800 रुपये का बिल लेट फीस सहित वसूल लिया।

एयरटेल की दलील
एयरटेल ने लीगल नोटिस के जवाब में दावा किया कि आउटडोर कनेक्टिविटी नेटवर्क संतोषजनक था और समस्या इंडोर कवरेज से संबंधित थी। अदालत ने कहा कि एयरटेल को कनेक्शन देने से पहले उन सभी मल्टीपल फैक्टर्स की जांच करनी चाहिए थी, जिनकी वजह से नेटवर्क कनेक्टिविटी प्रभावित हो सकती है।

निष्कर्ष
इस आदेश से स्पष्ट संदेश गया कि ग्राहक सेवा में लापरवाही और शिकायतों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अदालत ने कंपनियों को निर्देश दिया कि नेटवर्क कनेक्टिविटी और ग्राहक शिकायतों के समाधान के प्रति अधिक संवेदनशीलता दिखाई जाए।

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