Tuesday, July 21

सुभाष घई ने तोड़ी चुप्पी, एआर रहमान के ‘कम्युनल’ बयान पर कही यह दो टूक बात

 

 

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में एआर रहमान के सांप्रदायिकता से जुड़े बयान पर जारी बहस के बीच अब फिल्ममेकर सुभाष घई ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। सुभाष घई ने कहा कि यह समस्या पहले से मौजूद रही है और आने वाले समय में भी रहेगी। उनका कहना है कि जो लोग अपने काम पर ध्यान केंद्रित करते हैं, वे ऐसी चर्चाओं से अप्रभावित रहते हैं।

 

पुरानी समस्या, नई चर्चा नहीं जरूरी

ऑस्कर विजेता एआर रहमान ने पहले कहा था कि आजकल क्रिएटिव लोग कम हैं और फैसले लेने की पावर उन लोगों के पास है, जिन्होंने कभी क्रिएटिव काम नहीं किया। इस बयान पर कई सेलेब्स ने अपनी प्रतिक्रिया दी थी। सुभाष घई ने IANS से बात करते हुए कहा कि कम्युनल आरोप इंडस्ट्री की पुरानी समस्या है और इसे लेकर ज्यादा चर्चा करने की जरूरत नहीं है।

 

सुभाष घई ने कहा, “यह मुद्दा समाज में कई सालों से बना हुआ है। जो लोग अपने काम पर फोकस करना चाहते हैं, वे ऐसी चर्चाओं से प्रभावित नहीं होते।” उन्होंने यह भी बताया कि उनका जन्म नागपुर में हुआ, स्कूली शिक्षा दिल्ली में हुई और मुंबई आने पर भी यह समस्या मौजूद थी।

 

आने वाले सालों में भी जारी रहेगा

सुभाष ने आगे कहा, “सांप्रदायिक सद्भाव और अशांति हमेशा चर्चा का हिस्सा रहेगी। बेरोजगारी और सामाजिक दरारों पर चर्चा होती रही है और आगे भी होती रहेगी।”

 

राजनीति का खेल है अलग

फिल्ममेकर ने यह स्पष्ट किया कि उनके बयान का अनावश्यक अर्थ निकालने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “जो लोग अपने काम में माहिर हैं, वे अप्रभावित रहते हैं और अपने काम पर फोकस करते हैं। जो लोग राजनीति करना चाहते हैं, वे बस यही कर रहे हैं।”

 

सुभाष घई की यह टिप्पणी एआर रहमान के बयान पर चल रही बहस को शांत करने और दृष्टिकोण स्पष्ट करने के रूप में देखी जा रही है।

 

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