Tuesday, July 21

सोनभद्र खदान हादसा: 75 टन की चट्टान के नीचे दबी 15 जिंदगियां, चार और शव बरामद; अब तक 5 मजदूरों की मौत की पुष्टि

सोनभद्र (उत्तर प्रदेश): ओबरा क्षेत्र स्थित बिल्ली मारकुंडी पत्थर खदान में हुए भीषण हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर पाँच हो गई है। सोमवार सुबह राहत-बचाव दलों ने चार और मजदूरों के शव मलबे से निकाले। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार तीसरे दिन राहत कार्य में जुटी हैं, जबकि और मजदूरों के दबे होने की आशंका ने अभियान को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

300 फीट गहराई में टूटी विशाल चट्टान, 75 टन का मलबा बना मौत का पहाड़

हादसा 15 नवंबर को हुआ, जब श्री कृष्णा माइनिंग वर्क्स की खदान में ड्रिलिंग के दौरान अचानक 30 फीट लंबी-चौड़ी और करीब 75 टन वजनी चट्टान टूटकर 300 फीट नीचे काम कर रहे मजदूरों पर गिर पड़ी। खदान में उस समय लगभग 15 मजदूर मौजूद थे। कई भागने में सफल रहे, लेकिन कई चट्टान के नीचे दब गए।

सूचना मिलते ही प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे और रातभर मलबा हटाने का काम जारी रहा।

रात में मिला दो सगे भाइयों समेत चार मजदूरों का शव

रविवार देर रात 11 बजे से सोमवार सुबह 4 बजे तक मलबे से जिन चार शवों को निकाला गया, उनमें पनारी के कर्मसार टोला निवासी इंद्रजीत यादव (32) और संतोष यादव (30) — दो सगे भाई शामिल हैं।
इसके अलावा कोन क्षेत्र के रविंद्र उर्फ नानक और एक अन्य मजदूर का शव भी बरामद किया गया।
रविवार को अमरेनिया निवासी राजू गोंड का शव निकाला जा चुका था।
सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है।

कठोर चट्टान बनी सबसे बड़ी चुनौती

राहत दलों के अनुसार एक विशाल कठोर चट्टान बीच में फंसी हुई है, जो मुख्य अवरोध बनी है। जब तक उसे हटाया नहीं जाता, यह अनुमान लगाना कठिन है कि और कितने मजदूर नीचे दबे हो सकते हैं।
जिला मजिस्ट्रेट ने मौके पर कैंप कर अभियान की निगरानी की और अतिरिक्त मशीनरी व संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

खदान सुरक्षा पर गंभीर सवाल, जांच टीम गठित

हादसे के बाद खदान में सुरक्षा मानकों और कार्य पद्धति पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। प्रशासन ने जांच टीम गठित कर दी है, जो ड्रिलिंग प्रक्रिया, उपकरणों की स्थिति और सुरक्षा उपायों की समीक्षा करेगी।

मृतकों के परिजनों ने खदान प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उचित मुआवजे और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन ने राहत राशि का ऐलान करते हुए भरोसा दिलाया है कि हादसे की जांच पूरी गंभीरता से की जाएगी।

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