Tuesday, July 21

टैक्स छूट हटने के बावजूद पीपीएफ-सुकन्या समृद्धि में निवेश का क्रेज कायम

 

 

नई दिल्ली: नए टैक्स सिस्टम में निवेश पर मिलने वाली छूट खत्म हो गई है, फिर भी छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) में लोगों का भरोसा मजबूत बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार, 10 जनवरी तक नैशनल स्मॉल सेविंग्स फंड (NSSF) में 2.17 लाख करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं, जो इस वित्त वर्ष के लिए निर्धारित बजट अनुमान का लगभग दो-तिहाई है।

 

विशेषज्ञों के मुताबिक, पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि जैसी योजनाओं में बजट से अधिक पैसा जमा होने से केंद्र सरकार को राहत मिलती है। इससे सरकार को अपनी वित्तीय जरूरतों के लिए बाजार से कम कर्ज लेना पड़ता है। वित्त वर्ष 2025-26 में सरकार ने NSSF से 3.43 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 4.12 लाख करोड़ रुपये था। सरकार का उद्देश्य वित्तीय घाटा घटाकर जीडीपी का 4.4 प्रतिशत (15.69 लाख करोड़ रुपये) लाना है, जो पिछले वर्ष 4.8 प्रतिशत था।

 

नए टैक्स सिस्टम में छोटी बचत पर कोई टैक्स छूट नहीं दी जाती। पुराने सिस्टम में धारा 80C के तहत सालाना 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स छूट मिलती थी। इसके बावजूद, छोटे निवेशकों की रुचि कम नहीं हुई है। इसका मुख्य कारण यह है कि इन योजनाओं में बैंक डिपॉजिट की तुलना में ब्याज दरें अधिक आकर्षक हैं। वहीं, पिछले एक साल में RBI ने ब्याज दरों में 1.25 प्रतिशत की कटौती की है।

 

विशेषज्ञ मानते हैं कि छोटी बचत योजनाओं में निवेश बढ़ने से सरकार को बाजार से कम उधार लेना पड़ता है और वित्तीय स्थिति मजबूत रहती है।

 

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