Tuesday, July 21

केदारनाथ मंदिर प्रसाद बनाने की तकनीक में बड़ा बदलाव: IIT कानपुर बना रहा लड्डू तैयार करने की मशीन, महिलाओं की मेहनत होगी आधी

कानपुर/देहरादून।
केदारनाथ धाम में चढ़ाए जाने वाले चौलाई और गुड़ के प्रसाद को तैयार करने की प्रक्रिया अब आधुनिक तकनीक से और आसान बनने जा रही है। IIT कानपुर के रिसर्च स्कॉलर एक ऐसी मशीन तैयार कर रहे हैं, जिससे लड्डू बनाने में लगने वाली भारी मेहनत और समय दोनों में बड़ी कमी आएगी।

सांचे में चिपकने की समस्या दूर करने पर शोध

डिज़ाइन विभाग प्रमुख प्रो. सत्यकी रॉय ने बताया कि फिलहाल मशीन के सांचों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। गुड़ के चिपचिपे स्वभाव के कारण सामग्री सांचे में चिपक जाती है।
इसे देखते हुए लकड़ी, स्टील और अन्य धातुओं के मोल्ड पर लगातार प्रयोग चल रहे हैं, ताकि सबसे उपयुक्त विकल्प चुना जा सके।

महिलाओं की तकलीफ़ देख शुरू हुआ विचार

प्रो. रॉय ने बताया कि दो वर्ष पहले वे एक पीएचडी छात्र के साथ रुद्रप्रयाग के दौरे पर पहुंचे थे। वहां स्वयं सहायता समूह की महिलाएं केदारनाथ मंदिर के लिए लड्डू बनाती हैं।
ये लड्डू हाथ से सांचे में दबाकर बनाए जाते हैं, जिसके कारण काफी मेहनत लगती है और महिलाओं के हाथों में दर्द तक हो जाता है। यही समस्या देखकर मशीन तैयार करने का विचार जन्मा।

लिवर–पुली मैकेनिज़्म से एक साथ बनेंगे कई लड्डू

नए उपकरण में लिवर-पुली मेकेनिज़्म का इस्तेमाल किया गया है। इसमें ऊपर से हल्का दबाव डालने पर नीचे लगे 4–5 सांचों में सामग्री तुरंत लड्डू का रूप ले लेती है।
यह तरीका तेज़, सुविधाजनक और श्रम को कम करने वाला है।

7–8 प्रोटोटाइप तैयार, स्थानीय महिलाएं दे रहीं फीडबैक

रिसर्च स्कॉलर मिधुन की पीएचडी परियोजना के तहत अब तक 7–8 प्रोटोटाइप तैयार किए जा चुके हैं।
रुद्रप्रयाग की कंचन और उनकी टीम की महिलाएं इन प्रोटोटाइप को लगातार इस्तेमाल कर फीडबैक दे रही हैं, जिसके बाद मशीन का अंतिम मॉडल तय किया जाएगा।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

तकनीक के सफल होने पर केदारनाथ मंदिर में प्रसाद बनाने वाली महिलाओं का काम आसान होगा, उत्पादन बढ़ेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सीधा लाभ मिलेगा।

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