Tuesday, July 21

भारी बर्फबारी में 4 दिन तक अपने मालिक के शव के पास खड़ा रहा पिटबुल, वफादारी ने रुला दिया

चंबा, हिमाचल प्रदेश, 27 जनवरी 2026: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की बर्फीली पहाड़ियों से आई यह कहानी इंसानियत और वफादारी का जीवंत उदाहरण है। 23 जनवरी को भरमाणी माता मंदिर के ऊपरी इलाके में दो किशोर – विकसित राणा (19) और उसका 13 वर्षीय ममेरा भाई पीयूष – बर्फीले तूफान में फंस गए। लेकिन इस त्रासदी के बीच उनके पालतू डॉगी ने चार दिनों तक अपने मालिकों के शव के पास अडिग बैठकर वफादारी की मिसाल पेश की।

भारी बर्फबारी और टूटा संपर्क:
यात्रा के दौरान दोनों किशोरों का अंतिम संपर्क परिवार से हुआ और उन्होंने खुद को सुरक्षित बताया। इसके बाद संपर्क टूट गया। प्रशासन, पुलिस, सेना और वायुसेना ने चार दिन तक खोजबीन की, ड्रोन और हेलीकॉप्टर भेजे, लेकिन पहाड़ खामोश रहे।

डॉगी की अद्भुत वफादारी:
सोमवार को रेस्क्यू टीम जब बर्फ की चादर चीरकर ऊपर पहुंची, तो वहां एक हाड़ कंपाने वाली ठंड में डॉगी अपने मालिक के शव के पास खड़ा था। चार दिन, चार रातें भूखा-प्यासा, हल्की चोट और कांपते शरीर के बावजूद वह वहीं टिका रहा। पहले पीयूष का शव पहाड़ी पर बरामद हुआ और कुत्ते को सुरक्षित निकालने के लिए बेहोशी का इंजेक्शन दिया गया। बाद में विकसित का शव नाले से बरामद किया गया। डॉगी को जिंदा बचाकर परिजनों को सौंपा गया।

प्रशासन और विधायक की पुष्टि:
भरमौर से भाजपा विधायक जनक राज ने दोनों शवों की बरामदगी की पुष्टि की। डीसी चंबा मुकेश रेपस्वाल ने कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन में स्थानीय प्रशासन, वायुसेना, पुलिस, पर्वतारोही दल और स्थानीय लोगों के सहयोग के लिए आभार जताया। रेस्क्यू टीम के एक सदस्य ने कहा कि अगर समय पर मदद पहुंचती, तो शायद दोनों की जान बच सकती थी।

यह कहानी न केवल हिमाचल की बर्फीली पहाड़ियों की खतरनाक परिस्थितियों को दिखाती है, बल्कि एक पालतू कुत्ते की इंसानियत और वफादारी को भी उजागर करती है।

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