Tuesday, July 21

अमेरिका: टेक्सास में नए H-1B वीजा पर रोक, गवर्नर ने एजेंसियों और यूनिवर्सिटीज को दिए आदेश

 

 

अमेरिका के टेक्सास राज्य ने H-1B वीजा प्रोग्राम के तहत नई हायरिंग पर रोक लगा दी है। राज्य के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने सभी सरकारी एजेंसियों और विश्वविद्यालयों को आदेश जारी करते हुए कहा कि नए H-1B आवेदनों को तुरंत फ्रीज किया जाए। यह रोक 31 मई 2027 तक लागू रहेगी।

 

गवर्नर एबॉट ने एजेंसियों के प्रमुखों को भेजे पत्र में कहा कि वीजा प्रोग्राम का दुरुपयोग हो रहा है और इसे रोकने के लिए सभी नए H-1B आवेदनों पर तत्काल रोक लगाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अमेरिकी नौकरियां केवल अमेरिकी नागरिकों को मिलें।

 

इसके साथ ही, एजेंसियों और विश्वविद्यालयों को 27 मार्च 2026 तक विस्तृत रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट में 2025 में दाखिल किए गए नए और नवीनीकरण H-1B आवेदनों की संख्या, वर्तमान वीजा धारकों की जानकारी, उनकी नौकरी और मूल देश जैसी जानकारियाँ शामिल होंगी।

 

गवर्नर एबॉट ने सोशल मीडिया पर लिखा, “टेक्सास के टैक्सपेयर्स हमारे वर्कफोर्स को प्रशिक्षित करने में अरबों का निवेश करते हैं। ये नौकरियां टेक्सास के लोगों को मिलनी चाहिए।” इससे पहले उन्होंने राज्य में यूनिवर्सिटी और सरकारी स्कूलों में काम करने वाले H-1B कर्मचारियों की पूरी लिस्ट भी मांगी थी।

 

H-1B वीजा प्रोग्राम और भारतीय पेशेवर

H-1B वीजा प्रोग्राम अमेरिकी कंपनियों को विदेशी स्किल्ड प्रोफेशनल्स को चुनने की अनुमति देता है। यह वीजा आमतौर पर 3-6 साल के लिए जारी किया जाता है। वर्तमान में H-1B वीजा धारकों में भारतीयों की संख्या सबसे ज्यादा है, जो कुल वीजा का 70% से अधिक है। ये भारतीय विशेष रूप से डिफेंस और टेक सेक्टर में काम करते हैं।

 

पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक और उनका “MAGA” अभियान H-1B वीजा प्रोग्राम को निशाने पर रखते हैं। उनका आरोप है कि भारतीय कम सैलरी पर काम करने को तैयार रहते हैं, जिससे अमेरिकी नागरिकों के लिए नौकरी के अवसर कम हो जाते हैं।

 

टेक्सास की यह नई नीति विदेशी पेशेवरों के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है और राज्य में काम करने की योजना बना रहे H-1B वीजा धारकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

 

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