Tuesday, July 21

झूठ की भी हद होती है: मोहम्मद यूसुफ का गलत ट्वीट, बांग्लादेश के बाहर होने पर सोशल मीडिया पर सरेआम हुई बेइज्जती

 

नई दिल्ली: बांग्लादेश के टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर होने के बाद पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद यूसुफ ने एक ऐसा ट्वीट किया, जो सोशल मीडिया पर विवाद और मजाक का कारण बन गया। उनके इस ट्वीट में पूरी जानकारी गलत थी।

 

यूसुफ का विवादित बयान

 

मोहम्मद यूसुफ ने ट्विटर (X) पर दावा किया कि बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल करने से ICC को भारी नुकसान होगा। उन्होंने लिखा कि न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, स्कॉटलैंड, नेपाल, नीदरलैंड, आयरलैंड, नामीबिया, जिम्बाब्वे, श्रीलंका और अफगानिस्तान जैसे 10 देशों की कुल क्रिकेट दर्शक संख्या बांग्लादेश के अकेले के बराबर है। यूसुफ ने कहा, “10 देशों को मिलाकर 178 मिलियन, अकेले बांग्लादेश 176 मिलियन।” उन्होंने ICC के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि खेल का प्रशासन प्रभाव से नहीं, बल्कि सिद्धांतों से चलना चाहिए।

 

ट्वीट में हुई गलती

 

हालांकि, यूसुफ के इस दावे को ‘कम्युनिटी नोट’ के जरिए गलत साबित कर दिया गया। नोट में स्पष्ट किया गया कि यूसुफ द्वारा बताए गए आंकड़े देशों की जनसंख्या को दर्शाते हैं, न कि क्रिकेट दर्शकों की संख्या। वास्तविक आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक दर्शक संख्या में बांग्लादेश का हिस्सा केवल 4–5% है, जबकि ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट देखने वाले घरों की संख्या कहीं ज्यादा है।

 

ICC और बांग्लादेश का मामला

 

यह विवाद तब शुरू हुआ जब ICC ने बांग्लादेश की अपने वेन्यू बदलने की मांग को ‘अनुचित’ करार दिया। बांग्लादेश सरकार द्वारा बताई गई सुरक्षा चिंताओं में कोई ठोस खतरा नहीं पाया गया। इसी कारण बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर किया गया और उनकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया। यह टूर्नामेंट 7 फरवरी से भारत और श्रीलंका में आयोजित होगा।

 

पाकिस्तान का रुख

 

बांग्लादेश के बाहर होने के बाद पाकिस्तान का रुख भी चर्चा का विषय बना हुआ है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने बांग्लादेश के समर्थन में टूर्नामेंट से हटने की धमकी दी। PCB के प्रमुख मोहसिन नकवी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात कर इस मामले पर चर्चा की। हालांकि, पाकिस्तान सरकार ने इस पर अपना रुख एक हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया है। अगर पाकिस्तान टूर्नामेंट से हटता है, तो उसे वैश्विक स्तर पर अलग-थलग किया जा सकता है और गंभीर प्रतिबंध भी लगाए जा सकते हैं।

 

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