Tuesday, July 21

शोक में डूबा बारामती: अंतिम दौरे में चाचा शरद पवार के साथ शामिल हुए थे डिप्टी CM अजित पवार, पुणे में ली थी आखिरी सलामी

मुंबई: महाराष्ट्र के डेप्युटी मुख्यमंत्री अजित पवार का बारामती के लिए निकले प्लेन हादसे में दुखद निधन पूरे राज्य के लिए स्तब्ध कर देने वाला है। पुणे से बारामती जा रहे अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत हो गई। राजनीतिक और प्रशासनिक क्षेत्र में अपनी प्रभावशाली छवि रखने वाले पवार का यह दौरा विशेष महत्व का था, क्योंकि वे आगामी जिला परिषद चुनावों की तैयारियों का जायजा लेने जा रहे थे।

अंतिम सार्वजनिक कार्यक्रम:
अजित पवार का यह आखिरी कार्यक्रम 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में पुणे में ध्वजारोहण और सलामी लेना था। इस मौके पर उन्होंने जवानों के साथ परेड में हिस्सा लिया और अपने चिरपरिचित अंदाज में नागरिकों और पुलिसकर्मियों के साथ फोटो खिंचवाई। यह उनका अंतिम सार्वजनिक दायित्व बन गया।

बारामती और पुणे में सक्रिय राजनीति:
अजित पवार महानगरपालिका चुनावों में मिली पार्टी को झटके के बाद एनसीपी को मजबूत करने में जुटे हुए थे। 17 जनवरी को आयोजित कृषि प्रदर्शनी में वे शरद पवार और सुप्रिया सुले के साथ शामिल हुए थे। इस दौरान उनकी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और समर्थक मौजूद थे। 28 दिसंबर को बारामती में आयोजित उद्योगपति गौतम अडानी के कार्यक्रम में भी शरद पवार और अजित पवार एक साथ मंच पर आए थे और स्मृति चिन्ह भेंट किया था।

फैमिली के साथ यादगार पल:
अजित पवार की ननद सुप्रिया सुले, भौजाई सुनेत्रा पवार, चाचा शरद पवार, अन्य परिवारजन युगेंद्र और रोहित पवार के साथ कई कार्यक्रमों में मौजूद रहे। इनमें से कई पलों की तस्वीरें अब अंतिम यादें बन गई हैं।

पुणे के प्रभारी मंत्री और डिप्टी CM के रूप में योगदान:
डेप्टी सीएम होने के साथ-साथ अजित पवार महाराष्ट्र के वित्त विभाग के प्रभारी और पुणे जिले के प्रभारी मंत्री भी थे। उनकी प्रशासनिक और राजनीतिक भूमिका राज्य में लंबा प्रभाव छोड़ती रही।

बारामती के लिए मुंबई से रवाना हुए डिप्टी CM का यह दौरा, उनके राजनीतिक जीवन और परिवार के लिए यादगार अंतिम यात्रा बन गया।

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