Tuesday, July 21

युवराज मेहता मामले में पिता की तहरीर के बावजूद नोएडा अथॉरिटी के अधिकारी बरी

नोएडा। युवराज मेहता की मौत मामले में नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों को आरोपी नहीं बनाए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। घटना के अगले दिन 17 जनवरी को युवराज के पिता राजकुमार मेहता ने नॉलेज पार्क थाने में पहली तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि उनकी कार एटीएस ली ग्रांड के पास 70 फीट गहरे पानी में गिर गई थी और आसपास के निवासियों ने पहले से नोएडा अथॉरिटी से सुरक्षा उपाय जैसे बैरिकेडिंग और रिफ्लेक्टर लगाने का अनुरोध किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

राजकुमार मेहता की तहरीर के बावजूद अधिकारी आरोपी नहीं बनाए गए, जबकि बिल्डरों पर बाद में केस दर्ज किया गया और जूनियर इंजीनियर को नौकरी से हटा दिया गया। बिल्डरों ने कोर्ट में यह भी दावा किया कि उन्होंने 2021 और 2025 में दो बार अथॉरिटी को पत्र भेजकर प्लॉट में जमा पानी को निकालने की मांग की थी, लेकिन अथॉरिटी ने कोई कार्रवाई नहीं की।

मामले में उठ रहे सवाल यह हैं कि क्यों पहले ही शिकायत देने वाले पिता की तहरीर के बावजूद नोएडा अथॉरिटी के अधिकारी बरी रहे और बिल्डरों को ही आरोपी बनाया गया।

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