Tuesday, July 21

आधी रात में अस्पताल ले जाए गए इमरान खान, जेल की लाइटें रहीं बंद; पीटीआई ने जताई गंभीर चिंता

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को 24–25 जनवरी की दरम्यानी रात अदियाला जेल से गुप्त रूप से इस्लामाबाद के एक अस्पताल ले जाए जाने का मामला सामने आया है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इमरान खान को करीब सवा दो घंटे अस्पताल में रखने के बाद उसी रात वापस जेल भेज दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया को अत्यंत गोपनीय रखा गया—जेल की सेल से लेकर बाहर ले जाने वाले रास्तों तक की लाइटें बंद कर दी गई थीं।

पाकिस्तानी पत्रकार जाहिद गिश्कोरी के मुताबिक, इमरान खान को अस्पताल में आंखों के विभाग में रखा गया, जहां उनका एक मेडिकल प्रोसीजर किया गया। अस्पताल पहुंचने और प्रोसीजर पूरा होने तक उनकी मौजूदगी को पूरी तरह छिपाकर रखा गया। इसके बाद उन्हें वापस अदियाला जेल भेज दिया गया।

पीटीआई का सरकार पर हमला

मामला सामने आने के बाद इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बुधवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शहबाज शरीफ सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। पीटीआई चेयरमैन गौहर अली खान ने कहा कि इमरान खान को इलाज के लिए ले जाने से पहले न तो परिवार को सूचना दी गई और न ही पार्टी नेतृत्व को भरोसे में लिया गया।

गौहर अली खान ने बताया कि इमरान खान से पार्टी नेताओं की आखिरी मुलाकात 20 दिसंबर को हुई थी। इसके बाद से न तो पार्टी अधिकारियों को और न ही परिवार के सदस्यों को उनसे मिलने की अनुमति दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि किस बीमारी के इलाज के लिए इमरान खान को अस्पताल ले जाया गया, किस डॉक्टर ने उनकी जांच की और फिर इतनी जल्दी उन्हें जेल क्यों लौटा दिया गया—इन सभी बिंदुओं पर सरकार ने अब तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है।

‘स्थिति चिंताजनक’

पीटीआई नेताओं का कहना है कि इस तरह की गोपनीयता और जानकारी का अभाव न केवल परिवार बल्कि पूरे देश के लिए चिंताजनक है। पार्टी ने मांग की है कि इमरान खान के स्वास्थ्य से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए और भविष्य में किसी भी मेडिकल प्रक्रिया से पहले उनके परिवार और कानूनी प्रतिनिधियों को सूचित किया जाए।

फिलहाल, सरकार की ओर से इस घटनाक्रम पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन आधी रात में अस्पताल ले जाने और लाइटें बंद रखने के दावों ने पाकिस्तान की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज कर दी है।

 

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