Tuesday, July 21

कोडीन कफ सिरप तस्करी के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल का पासपोर्ट रद्द, दुबई में रहना हुआ अवैध

लखनऊ।
कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। उत्तर प्रदेश एसटीएफ की कार्रवाई के बाद केंद्र सरकार ने उसका भारतीय पासपोर्ट निरस्त कर दिया है। पासपोर्ट रद्द होते ही दुबई में रह रहा शुभम जायसवाल अब वहां अवैध प्रवासी की श्रेणी में आ गया है और किसी भी समय उसे भारत डिपोर्ट किया जा सकता है।

एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, शुभम जायसवाल के खिलाफ पहले ही लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया जा चुका था। अब पासपोर्ट निरस्तीकरण की सूचना केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से दुबई प्रशासन को भी भेज दी गई है। नियमों के तहत, यदि कोई भारतीय नागरिक विदेश में रहते हुए अपना पासपोर्ट खो देता है या उसका पासपोर्ट रद्द कर दिया जाता है, तो वह उस देश में अवैध माना जाता है।

अधिकारियों ने बताया कि पासपोर्ट निरस्त होते ही उस पर जारी सभी वैध वीजा—चाहे वे अमेरिका, ब्रिटेन या खाड़ी देशों के हों—तकनीकी रूप से स्वतः अमान्य हो जाते हैं। ऐसे में शुभम जायसवाल अब केवल इमरजेंसी सर्टिफिकेट (EC) के जरिए ही भारत लौट सकता है।

नरवे से खुलेंगे सिंडिकेट के बड़े राज

इधर, कफ सिरप तस्करी सिंडिकेट की एक अहम कड़ी विकास सिंह नरवे की गिरफ्तारी के बाद कई बड़े खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है। ईडी और एसटीएफ दोनों एजेंसियां विकास सिंह को कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी में हैं। जांच में सामने आया है कि विकास सिंह इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का प्रमुख कनेक्टर और संचालनकर्ता था।

एसटीएफ के अनुसार, आजमगढ़ निवासी विकास सिंह ने ही अमित कुमार सिंह उर्फ टाटा और बर्खास्त सिपाही आलोक प्रताप सिंह को इस अवैध कारोबार में शामिल कराया और उनका संपर्क शुभम जायसवाल से करवाया। उसने इन आरोपियों को मोटे मुनाफे का लालच देकर कफ सिरप तस्करी के धंधे में निवेश करने के लिए प्रेरित किया।

फर्जी दस्तावेजों से खड़ी की गईं कई फर्में

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि विकास सिंह और उसके नेटवर्क ने धनबाद (झारखंड) और वाराणसी में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कई फर्में खड़ी की थीं। इन फर्मों के जरिए भारी मात्रा में कोडीन युक्त फेंसिडिल कफ सिरप की खरीद-बिक्री और उसका अवैध डायवर्जन किया जा रहा था। पूरे मॉड्यूल में विकास सिंह की भूमिका फर्म बनवाने, संपर्क साधने और धन के लेन-देन की व्यवस्था कराने में केंद्रीय रही है।

एसटीएफ का दावा है कि आने वाले दिनों में इस सिंडिकेट से जुड़े कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

 

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