Tuesday, July 21

बिहार के सरकारी अस्पतालों में सक्रिय ‘दलालों’ की अब खैर नहीं, स्वास्थ्य विभाग ने डीएम को दिए सख्त आदेश

पटना, 29 जनवरी 2026: बिहार के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को गुमराह कर प्राइवेट अस्पतालों और लैब में भेजने वाले दलालों पर स्वास्थ्य विभाग ने अब कड़ा शिकंजा कसा है। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश जारी कर ऐसे दलालों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्पेशल टीम बनाने का आदेश दिया है।

स्वास्थ्य विभाग को लगातार मिल रही शिकायतें
स्वास्थ्य विभाग को यह शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ दलाल सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में डेरा डालकर मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर इलाज का झांसा देकर निजी अस्पतालों और लैब में भेजते थे। इसके साथ ही मरीजों को परिसर के बाहर स्थित चुनिंदा मेडिकल दुकानों से दवा लेने के लिए भी प्रेरित किया जाता था।

जिलाधिकारियों को भेजा गया आधिकारिक पत्र
स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार सिंह की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज कराने आए मरीजों को निजी अस्पतालों और लैब की ओर गुमराह करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि किसी सरकारी कर्मी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसकी पहचान कर उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।

मरीजों के अधिकारों की रक्षा
स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिया है कि आम लोगों को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं से वंचित करने वाले दलालों के खिलाफ त्वरित और कड़ा कदम उठाया जाए। इसके लिए हर जिले में स्पेशल निगरानी टीम गठित करने का आदेश दिया गया है।

 

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