Tuesday, July 21

यूपी में फरवरी से 10% बढ़ेंगे बिजली बिल, पावर कारपोरेशन ने वसूली का आदेश जारी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लोगों को फरवरी महीने के बिजली बिलों में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का सामना करना पड़ेगा। पावर कारपोरेशन ने ईंधन अधिभार शुल्क (Fuel Surcharge) वसूली का आदेश जारी किया है, जिससे आम जनता की जेब पर अतिरिक्त भार बढ़ जाएगा।

पावर कारपोरेशन ने बताया कि यह बढ़ोतरी नवंबर 2025 में हुई बिजली खरीद में अतिरिक्त खर्च की भरपाई के लिए की जा रही है। कारपोरेशन के अनुसार, नवंबर में उसने बिजली प्रति यूनिट 5.79 रुपये की दर से खरीदी, जबकि इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमिशन द्वारा स्वीकृत टैरिफ दर 4.94 रुपये प्रति यूनिट थी। इस अंतर के आधार पर अधिभार शुल्क लगाकर उपभोक्ताओं से अतिरिक्त वसूली का आदेश दिया गया।

पावर कारपोरेशन ने कहा कि वास्तविक अंतर की भरपाई के लिए बिल में 12.38 प्रतिशत बढ़ोतरी करनी चाहिए थी, लेकिन नियामक आयोग ने अधिकतम 10 प्रतिशत बढ़ाने का आदेश दिया, इसलिए फरवरी के बिल में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी लागू की जाएगी।

नियामक आयोग ने पहले ही जनवरी 2025 में आदेश दिया था कि ईंधन और ऊर्जा खरीद में हुए अतिरिक्त खर्च की वसूली हर चौथे महीने के बिल में की जाएगी।

परिषद ने फैसले पर सवाल उठाए
स्टेट इलेक्ट्रिसिटी कनज्यूमर काउंसिल के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि नवंबर जैसे सामान्य मांग वाले महीने में इतनी महंगी बिजली खरीद पूरी तरह संदेहास्पद है। परिषद ने नियामक आयोग से मांग की है कि बिजली खरीद की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए। उन्होंने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक बिल में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी नहीं की जानी चाहिए। यदि मामले में कोई दोषी पाया जाता है तो उसे कड़ी कार्रवाई और जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

 

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