Tuesday, July 21

पाकिस्तान सैटेलाइट इंटरनेट की रेस में आगे? PTA ने बनाया सख्त साइबर सुरक्षा चक्र

 

 

खबर आ रही है कि पाकिस्तान हाई-स्पीड सैटेलाइट इंटरनेट की शुरुआत के बेहद करीब पहुंच गया है। इसके लिए पाकिस्तान टेलीकम्युनिकेशन अथॉरिटी (PTA) ने एक नया और सख्त साइबर सुरक्षा फ्रेमवर्क तैयार कर लिया है।

 

सैटेलाइट इंटरनेट में सुरक्षा चक्र

पाकिस्तान की नई नीति में राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा प्रोटेक्शन को प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत:

 

विदेशी कंपनियों को अपने डेटा को लोकल स्तर पर रूट करना होगा।

सरकार को जरूरत पड़ने पर डेटा की निगरानी का कानूनी अधिकार (‘लॉफ़ुल इंटरसेप्शन’) मिलेगा।

 

लाइसेंस और शुल्क

सैटेलाइट इंटरनेट प्रोवाइडर्स के लिए 15 साल के लाइसेंस की फीस करीब 5 लाख डॉलर (लगभग 4.2 करोड़ रुपये) होगी। इसके अलावा, कंपनियों को लाइसेंस मिलने के 18 महीने के भीतर पाकिस्तान में लोकल गेटवे अर्थ स्टेशन बनाना होगा, ताकि सरकार इंटरनेट ट्रैफिक पर नियंत्रण रख सके।

 

स्टारलिंक की एंट्री

एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक पाकिस्तान में अपनी सर्विस शुरू करने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रही है, लेकिन PSARB और सुरक्षा एजेंसियों की मंजूरी का इंतजार है। नई नीति के लागू होने के बाद स्टारलिंक की एंट्री में तेजी आ सकती है।

 

भारत-पाकिस्तान की तुलना

भारत और पाकिस्तान दोनों सैटेलाइट इंटरनेट की रेस में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। भारत सुरक्षा कारणों से स्टारलिंक और प्रोजेक्ट कुइपर पर गहन जांच कर रहा है। वहीं, पाकिस्तान ने नियमों के माध्यम से कंपनियों के लिए एक सख्त सुरक्षा चक्र बना रखा है।

 

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पाकिस्तान इन नियमों के बावजूद सैटेलाइट इंटरनेट के कमर्शियल रोलआउट में भारत को पीछे छोड़ पाएगा, या भारत अपने यहां सेवाओं को शुरू करके पाकिस्तान को चुनौती देगा।

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