Tuesday, July 21

दिल्ली में राहुल-खरगे की झारखंड कांग्रेस के साथ अहम बैठक: विधायकों की नाराजगी की अफवाहों को किया खारिज

नई दिल्ली/रांची: झारखंड कांग्रेस में मची खींचतान की अटकलों के बीच बुधवार को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने झारखंड इकाई के वरिष्ठ नेताओं के साथ राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति, संगठन की मजबूती और सरकार के कामकाज पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में झारखंड प्रभारी के. राजू, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इस दौरान झारखंड में कुछ विधायकों की कथित नाराजगी की खबरों पर पूरी तरह से खारिज किया गया। केशव महतो कमलेश ने संवाददाताओं से कहा कि पार्टी में कोई विधायक या मंत्री नाराज नहीं है और सभी एकजुट होकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संगठन और सरकार के बीच बेहतरीन तालमेल का ही परिणाम है कि राज्य में सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं।

केशव महतो कमलेश ने विशेष रूप से पेसा नियमावली पर बात की। उन्होंने कहा कि इसे तैयार करते समय झारखंड की परंपरागत व्यवस्था, रूढ़िवादी परंपराएं और सांस्कृतिक कानूनों का पूरा ध्यान रखा गया। नियमावली को अंतिम रूप देने से पहले कांग्रेस और गठबंधन सरकार ने व्यापक स्तर पर जनसंवाद किया। इसके अंतर्गत झारखंड प्रभारी गुलाम अहमद मीर (राजू साहब) ने कोल्हान के सुदूर क्षेत्रों का दौरा कर पारंपरिक प्रधानों से राय ली, जिसे मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने प्रस्तुत किया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कैबिनेट से मंजूरी दिलाई।

केशव महतो कमलेश ने बताया कि पेसा कानून लागू करना गठबंधन सरकार की ‘7 गारंटियोंमें से एक थी, और सरकार ने इसे लागू कर आदिवासियों से किया गया वादा पूरा कर दिया। इसके साथ ही सरकार ने पहले ही कैबिनेट में मैया सम्मान योजना को मंजूरी दी थी।

झारखंड में एसआईआर होने वाली है और इस संबंध में ग्राम पंचायत कमेटी, वार्ड कमेटी और बीएलए की नियुक्ति की जा रही है। उन्होंने बताया कि मनरेगा में बदलाव के विरोध में पार्टी ने पूरे प्रदेश में जन आंदोलन किया और जनता की भागीदारी सुनिश्चित की।

 

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.