Tuesday, July 21

यूजीसी बिल को लेकर बीजेपी विधायक ने खोला मोर्चा, सामान्य वर्ग के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं

नवादा: हिसुआ विधानसभा से चार बार चुने गए वरिष्ठ बीजेपी विधायक अनिल सिंह ने केंद्र सरकार के यूजीसी इक्विटी रेगुलेशंस 2026 (यूजीसी बिल) के खिलाफ खुलेआम विरोध जताया है। सत्ता पक्ष में रहते हुए अपनी ही पार्टी और शिक्षा मंत्रालय को कटघरे में खड़ा करते हुए उन्होंने नवादा में युवाओं के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

विधायक ने कहा कि यह बिल सामान्य वर्ग (स्वर्ण समाज) के छात्रों और शिक्षकों के साथ भेदभाव करता है, जिसे वह बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पूरी तरह से स्वर्ण समाज के पक्ष में हैं और सड़कों पर उतरकर विरोध जारी रखेंगे।

अनिल सिंह ने बिल को एकतरफा बताते हुए कहा कि 15 जनवरी 2026 को जारी अधिसूचना में एससीएसटीओबीसी वर्ग के लिए शिकायत निवारण समिति का प्रावधान तो है, लेकिन सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ भेदभाव या फर्जी शिकायतों पर कोई प्रभावी सुरक्षा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी शिकायतों पर कार्रवाई के पुराने प्रावधान को हटा दिया गया है, जिससे ब्लैकमेलिंग का खतरा बढ़ गया है।

विधायक ने 2012 की दिग्विजय सिंह कमेटी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि शिक्षा में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए, लेकिन वर्तमान मसौदा बिल उल्टा काम कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास का जिक्र करते हुए कहा कि बिल में तुरंत संशोधन होना चाहिए।

अनिल सिंह ने संकेत दिया कि शिक्षा मंत्री और पार्टी के कुछ सदस्य इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। यदि समाधान नहीं निकला, तो यह माना जाएगा कि कॉलेजों में जाति के नाम पर बंटवारा हो रहा है।

इस बीच, नवादा में युवाओं का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है और विधायक अनिल सिंह भी इसमें सक्रिय रूप से शामिल हैं।

 

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