Tuesday, July 21

दिल्ली में खाद्य सुरक्षा नियम–2025 लागू अब जिले की आबादी से तय होगा राशन कार्ड का कोटा, ‘पहले आओ–पहले पाओ’ व्यवस्था खत्म

नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार ने राशन वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए दिल्ली खाद्य सुरक्षा नियम–2025 को लागू कर दिया है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू हुए इन नियमों के तहत अब राशन कार्ड पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर नहीं बनाए जाएंगे। इसके बजाय अब जिले की आबादी के अनुपात में राशन कार्ड का कोटा तय होगा, जिससे वास्तविक जरूरतमंदों को प्राथमिकता मिल सकेगी।

नए नियमों के अनुसार, प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी (डीएम) की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की जाएगी, जो प्राप्त आवेदनों की जांच करेगी और यह तय करेगी कि किस परिवार को राशन कार्ड की सबसे अधिक आवश्यकता है। यह व्यवस्था अगली जनगणना तक लागू रहेगी।

जरूरतमंदों तक पहुंचेगा लाभ

खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि मौजूदा व्यवस्था में कई वास्तविक जरूरतमंद लोग पीडीएस की खामियों के कारण राशन कार्ड से वंचित रह जाते थे। दिल्ली में फिलहाल 8.27 लाख राशन कार्ड लाभार्थियों के लिए वैकेंसी उपलब्ध है, लेकिन पात्र लोगों की सही पहचान न होने से समस्या बनी हुई थी। नए नियमों से इन खामियों को दूर किया गया है।

आय सीमा बढ़ी, अपात्रों को बाहर किया गया

सरकार ने पात्रता की आय सीमा बढ़ाकर 1 लाख रुपये से 1.20 लाख रुपये वार्षिक कर दी है। वहीं, आयकर दाता, सरकारी कर्मचारी, चार पहिया वाहन रखने वाले परिवार, अधिक बिजली खपत करने वाले, या निर्धारित क्षेत्रों में संपत्ति रखने वाले परिवारों को योजना से बाहर कर दिया गया है।

शिकायत निवारण के लिए तीन स्तरीय व्यवस्था

राशन वितरण से जुड़ी शिकायतों और गड़बड़ियों की जांच के लिए तीन स्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली लागू की गई है।

  • फेयर प्राइस शॉप स्तर
  • जिला स्तर
  • राज्य स्तर

इसके अतिरिक्त, विजिलेंस के लिए चार स्तरीय निगरानी समिति गठित की गई है। फेयर प्राइस शॉप स्तर पर यह समिति फूड सप्लाई ऑफिसर की अध्यक्षता में काम करेगी।

लंबित नहीं रहेंगी शिकायतें

मंत्री सिरसा ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत अब राशन से जुड़ी शिकायतें लंबित नहीं रहेंगी और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी सब्सिडी का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक ही पहुंचे

 

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