Tuesday, July 21

यूजीसी के नए नियमों पर सवर्ण समाज में भारी आक्रोश, उज्जैन की सड़कों पर उतरा जनसैलाब

उज्जैन।
यूजीसी (UGC) के प्रस्तावित ड्राफ्ट रेगुलेशन और नए नियमों को लेकर उज्जैन में सवर्ण समाज में भारी नाराजगी है। बुधवार शाम को टॉवर चौक पर हजारों लोगों ने मानव श्रृंखला बनाई और नारेबाजी करते हुए इसे सवर्ण वर्ग के लिए “बेड़ियां” करार दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ये नियम उच्च शिक्षा में सामाजिक असंतुलन और भेदभाव को बढ़ावा देंगे, जिससे सवर्ण छात्रों के शैक्षणिक और व्यावसायिक भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपा

सवर्ण समाज के लोगों ने टॉवर चौक से शहीद पार्क तक रैली निकाली और एसडीएम पवन बारिया तथा विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. शैलेन्द्र कुमार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने यूजीसी के एक पक्षीय ड्राफ्ट रेगुलेशन को तत्काल रोकने, नीति निर्धारण समितियों में सभी सामाजिक वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने और छात्रों, शिक्षकों तथा शिक्षाविदों से व्यापक संवाद के बाद ही नई नीति लागू करने की मांग की।

सवर्ण छात्रों पर पड़ेगा नकारात्मक प्रभाव

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रस्तावित नियम सवर्ण छात्रों के लिए असमान अवसर और सामाजिक असंतुलन पैदा करेंगे। उनका कहना है कि शिक्षा नीति का उद्देश्य सभी वर्गों को साथ लेकर चलना होना चाहिए, न कि किसी एक वर्ग के अधिकारों को कमजोर करना।

महाकाल मंदिर के पुजारी ने भी जताया विरोध

महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी महेश पुजारी ने कहा, “प्रस्तावित नियम सवर्ण समाज और हिंदू समाज पर अन्याय करने जैसे हैं और सामाजिक संतुलन बिगाड़ेंगे।”

देशभर में विरोध का स्वरूप

यूजीसी के प्रस्तावित नियमों के विरोध में केवल उज्जैन ही नहीं, बल्कि देश के कई हिस्सों में आक्रोश फैल रहा है। उज्जैन में बड़े पैमाने पर सवर्ण समाज ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और प्रशासन को अपनी मांगों से अवगत कराया।

 

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