Tuesday, July 21

सूनी मांग में फिर सजेगा सिंदूर: राजस्थान सरकार की विधवा विवाह उपहार योजना से लौटेगी रौनक

जयपुर। राजस्थान सरकार ने समाज की पुरानी बेड़ियों को तोड़ते हुए विधवा महिलाओं के लिए एक संवेदनशील पहल की है। ‘विधवा विवाह उपहार योजना’ के तहत पुनर्विवाह करने वाली 18 से 50 वर्ष की पात्र महिलाओं को 51,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जाएगी। इसका उद्देश्य न केवल आर्थिक बोझ कम करना है, बल्कि विधवा महिलाओं को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाना और उनका हौसला बढ़ाना भी है।

51,000 रुपये से नई शुरुआत
इस योजना के तहत, पुनर्विवाह का फैसला करने वाली महिला को 51,000 रुपये की सहायता राशि ‘उपहार’ के रूप में मिलती है। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा की जाती है, ताकि नई गृहस्थी बसाने या शादी के खर्चों में उन्हें किसी पर निर्भर न होना पड़े। यह पहल रूढ़िवादी सोच को बदलने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

कौन और कैसे ले सकता है लाभ?
योजना का लाभ लेने के लिए महिला राजस्थान की मूल निवासी होनी चाहिए और उसकी आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। उसे विधवा पेंशन की पात्रता प्राप्त हो और यह लाभ केवल पुनर्विवाह पर ही दिया जाएगा। इच्छुक महिलाएं जिला सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में ऑफलाइन आवेदन जमा कर सकती हैं।

रूढ़ियों पर चोट, गरिमा को सम्मान
ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों में अक्सर विधवा महिलाओं को सामाजिक बहिष्कार या दबाव का सामना करना पड़ता है। राजस्थान सरकार की यह योजना उन परिवारों के लिए वरदान साबित होगी, जो आर्थिक कारणों से पुनर्विवाह में हिचकिचाते थे। 51,000 रुपये का यह ‘सरकारी उपहार’ न केवल आर्थिक सहारा देगा, बल्कि महिलाओं को अपना भविष्य बिना किसी डर के संवारने का हौसला भी प्रदान करेगा।

 

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