Tuesday, July 21

Economic Survey 2026: 9.2 करोड़ टैक्सपेयर, 7.4% विकास दर, महंगाई में गिरावट – CEA ने पेश की बड़ी बातें

 

 

नई दिल्ली: गुरुवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2026 पेश किया। इसके बाद मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सर्वे के अहम आंकड़े साझा किए।

 

CEA ने बताया कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत आधार पर है। देश की जीडीपी तेजी से बढ़ रही है, महंगाई में कमी आई है और लोग व कंपनियां अधिक खर्च और निवेश कर रही हैं।

 

विकास दर:

 

वास्तविक जीडीपी वृद्धि FY12-FY20 में औसतन 6.4% थी।

FY25 में यह बढ़कर 6.5% हुई।

FY26 में यह और तेज होकर 7.4% तक पहुंचने का अनुमान है।

 

CEA ने बताया कि यह तेजी मजबूत घरेलू मांग और निवेश के कारण है। निजी उपभोग व्यय (PFCE) FY12-FY20 में 6.8% था, FY25 में 7.2% और FY26 में 7.0% रहने का अनुमान है। निवेश गतिविधियों में भी वृद्धि हुई है, GFCF FY12-FY20 में 6.3% से बढ़कर FY25 में 7.1% और FY26 में 7.8% तक पहुँच जाएगी।

 

महंगाई में गिरावट:

 

मुख्य CPI महंगाई FY23 में 6.7% थी, FY24 में 5.4%, FY25 में 4.7% और FY26 (दिसंबर तक) में 1.7% पर आ गई।

कोर महंगाई FY23 में 6.1% से घटकर FY25 में 3.0% और FY26 में 2.9% हुई।

 

राजकोषीय घाटा:

 

FY21 में 9.2% के शिखर पर, यह लगातार घटकर FY26 में 4.4% रहने का अनुमान है। प्राथमिक घाटा भी लगातार कम हुआ है, जो बेहतर वित्तीय अनुशासन को दर्शाता है।

 

राजस्व में तेजी और टैक्सपेयर:

 

सकल कर राजस्व FY16-FY20 में जीडीपी का औसतन 10.8% था, महामारी के बाद FY22-FY25 में बढ़कर 11.5% हुआ।

व्यक्तिगत आयकर संग्रह महामारी से पहले 2.4% था, जो बढ़कर 3.3% हुआ।

करदाताओं की संख्या FY22 में 6.9 करोड़ थी, जो FY25 में बढ़कर 9.2 करोड़ हो गई।

 

CEA ने कहा कि ये आंकड़े घरेलू मांग की मजबूती, बेहतर कर अनुपालन और अर्थव्यवस्था के औपचारिकरण को दर्शाते हैं।

 

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.