Tuesday, July 21

बांदा: गलत प्लास्टर के चलते 5 वर्षीय मासूम का पैर काटना पड़ा, मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों पर आरोप

बांदा। जिले के पड़ई गांव में 5 वर्षीय बच्ची मानवी को इलाज में कथित लापरवाही के कारण अपना पैर गंवाना पड़ा। बच्ची के पिता अनिल कुमार ने इस गंभीर मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की है। डीएम ने मामले को संज्ञान में लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को जांच के आदेश दिए हैं और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

जानकारी के अनुसार, 23 दिसंबर 2025 को मानवी छत से गिर गई थी, जिससे उसके पैर की हड्डी टूट गई। परिजन उसे इलाज के लिए रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज ले गए। आरोप है कि वहां हड्डी रोग विशेषज्ञ ने बच्ची के पैर में अत्यधिक टाइट प्लास्टर चढ़ा दिया, जिससे रक्त संचार बाधित हो गया और धीरे-धीरे संक्रमण फैल गया।

परिवार का कहना है कि कई दिनों तक बच्ची अस्पताल में भर्ती रही, लेकिन न तो समय पर सही इलाज किया गया और न ही स्थिति की गंभीरता को समझा गया। हालत बिगड़ने पर 29 दिसंबर को उसे ऑपरेशन थिएटर में लाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने लखनऊ रेफर कर दिया। इसके बाद केजीएमयू लखनऊ में डॉक्टरों ने पैर काटने की सलाह दी।

मजबूरी में बच्ची को एक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां संक्रमण के कारण अंततः पैर काटना पड़ा। इस घटना के बाद मासूम बच्ची जीवन भर के लिए दिव्यांग हो गई।

रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. एस.के. कौशल ने बताया कि उन्हें अभी तक कोई लिखित आदेश नहीं मिला है। आदेश मिलते ही जांच कराई जाएगी। सीएमओ अनिल कुमार ने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देश पर हड्डी रोग विशेषज्ञों की एक कमेटी बनाकर मामले की जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

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