Tuesday, July 21

युवराज मेहता मौत मामला: सीएम के निर्देश के बावजूद 10 दिन में भी रिपोर्ट नहीं दे सकी एसआईटी पांच दिन में रिपोर्ट देने का था आदेश, जांच अब भी अंतिम चरण में

नोएडा। नोएडा के सेक्टर-150 स्थित एक सोसायटी के बेसमेंट में कार सहित डूबने से इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बावजूद अब तक अपनी रिपोर्ट शासन को नहीं सौंप सकी है। मुख्यमंत्री ने इस गंभीर घटना पर पांच कार्यदिवस के भीतर रिपोर्ट तलब की थी, लेकिन घटना के दस दिन बीत जाने के बाद भी जांच पूरी नहीं हो पाई है।

गुरुवार को एडीजी की अध्यक्षता में गठित एसआईटी ने मेरठ में बैठक कर रिपोर्ट को अंतिम रूप देने पर मंथन किया। एसआईटी अध्यक्ष एडीजी भानु भास्कर ने नवभारत टाइम्स से बातचीत में बताया कि रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और इसे जल्द से जल्द शासन को सौंपने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि रविवार से पहले किसी भी दिन रिपोर्ट सौंप दी जाएगी, जिसके बाद शासन स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।

एसआईटी ने 20 जनवरी से नोएडा अथॉरिटी, संबंधित विभागों और घटनास्थल पर जाकर जांच शुरू की थी। अधिकारियों के अनुसार, कई विभागों की संभावित लापरवाही को देखते हुए पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही है। इसी कारण जांच में अपेक्षा से अधिक समय लगा। टीम लगातार पांच दिन तक नोएडा में रहकर साक्ष्य जुटाती रही।

इस बीच, युवराज मेहता की मौत को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव गुरुवार को ग्रेटर नोएडा के पाली और धूम मनिकपुर गांव पहुंचे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि युवराज को समय पर मदद नहीं मिली और पिता के सामने उसकी तड़पकर मौत हो गई। उन्होंने इसे सरकार की नाकामी बताया।

फिलहाल, युवराज मेहता की मौत को लेकर परिजन न्याय की मांग पर अड़े हैं और अब सभी की निगाहें एसआईटी की रिपोर्ट और उस पर होने वाली सरकारी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

 

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