Tuesday, July 21

युवराज मेहता की मौत के बाद हरकत में आई अथॉरिटी ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 100 फ्लैट वाले 8 अवैध टॉवर सील

ग्रेटर नोएडा।
सेक्टर-150 में बेसमेंट में जलभराव के कारण युवराज मेहता की मौत के बाद आखिरकार गौतमबुद्ध नगर की तीनों विकास प्राधिकरणों की नींद टूटी है। लगातार उठ रहे सवालों और जनआक्रोश के बीच ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्रेटर नोएडा वेस्ट के खेड़ा चौगानपुर गांव में बिना अनुमति बनाए गए आठ रिहायशी टॉवरों को सील कर दिया।

इन टॉवरों में करीब 100 फ्लैट बने हुए हैं। राहत की बात यह रही कि अधिकांश फ्लैट खाली थे। अथॉरिटी ने संबंधित कॉलोनाइजर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराते हुए स्पष्ट किया है कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना नक्शा पास कराए निर्माण किया गया था।

नक्शा भी पास नहीं, पहले से दर्ज थी एफआईआर

अधिकारियों के अनुसार, जिस जमीन पर ये टॉवर बनाए गए हैं, वह अधिसूचित क्षेत्र में आती है। न तो निर्माण की अनुमति ली गई और न ही भवन का नक्शा स्वीकृत कराया गया। इस मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी थी और नोटिस भी दिए गए थे, बावजूद इसके निर्माण कार्य जारी रहा।

सीईओ एन.जी. रवि कुमार के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। एसीईओ सुमित यादव की निगरानी में ओएसडी अभिषेक पाठक और ओएसडी राम नयन सिंह, पुलिस बल व प्राधिकरण के सुरक्षा कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और टॉवरों को सील किया।

जहां लोग बस गए, वहां कार्रवाई बनी चुनौती

अधॉरिटी की कार्रवाई वाले इलाके में एक टॉवर में लोग रहना भी शुरू कर चुके हैं। इमारतें बन गईं, फ्लैट बिक गए, लेकिन लंबे समय तक अथॉरिटी को इसकी भनक तक नहीं लगी। अब ऐसे क्षेत्रों में कार्रवाई करना प्राधिकरण के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जिम्मेदार अधिकारी पहले ही सक्रिय रहते तो न तो अवैध निर्माण होता और न ही लोगों की जान जोखिम में पड़ती।

फ्लैट खरीदने से पहले जांच की अपील

एसीईओ सुमित यादव ने आम लोगों से अपील की है कि ग्रेटर नोएडा में कहीं भी जमीन या फ्लैट खरीदने से पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से पूरी जानकारी जरूर लें। उन्होंने कहा कि कई कॉलोनाइजर झूठे दावों के जरिए लोगों को गुमराह कर अवैध फ्लैट बेच देते हैं, जिससे बाद में खरीदारों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।

 

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