Tuesday, July 21

12-13 ट्रेन से बिहार का नहीं चल रहा काम! बजट से पहले मांझी ने चलाई सियासी रेल, केंद्र से ट्रेनों और जनरल बोगियों की संख्या बढ़ाने की मांग

पटना।
बजट 2026 से पहले केंद्रीय मंत्री और HAM के संरक्षक जीतन राम मांझी ने बिहार रूट पर चल रही ट्रेनों की कमी को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि दिल्ली और बिहार के बीच केवल 12–13 ट्रेनें चल रही हैं, जो लाखों यात्रियों की बढ़ती संख्या के लिए अपर्याप्त हैं।

मांझी ने कहा कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्रा के दौरान महसूस हुआ कि दिल्ली और बिहार के बीच आने-जाने वाले यात्रियों के लिए मौजूदा ट्रेन सेवा पूरी तरह से नाकाफी है। उन्होंने रेल बजट में अतिरिक्त ट्रेनों और जनरल बोगियों की व्यवस्था करने की सिफारिश की।

यात्रियों की भीड़ और आम जनता की परेशानी

मांझी ने अपने अनुभव साझा करते हुए लिखा, “आज दिल्ली से प्रयागराज की यात्रा के दौरान नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर देखा कि बिहार जाने वाली केवल 12–13 ट्रेनें यात्रियों की भारी संख्या को संभालने में असमर्थ हैं। यदि बिहार रूट पर ट्रेनों और जनरल बोगियों की संख्या बढ़ा दी जाए तो यह आम जनता के लिए ‘सोने पर सुहागा’ होगा।”

एनडीए सरकार के कार्यों की भी तारीफ

हालांकि मांझी ने एनडीए सरकार के पिछले 10 वर्षों में रेलवे के आधुनिकीकरण और कायाकल्प के ऐतिहासिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों के साथ-साथ बिहार के लिए अतिरिक्त ट्रेन और बोगियों की व्यवस्था आम जनता की सुविधा के लिहाज से बेहद जरूरी है।

बजट से पहले सियासी संकेत

विश्लेषकों का कहना है कि मांझी की यह मांग न केवल रेलवे बजट को प्रभावित कर सकती है, बल्कि बिहार में सियासी संदेश भी देती है। जनरल कैटेगरी के यात्रियों के लिए यह राहत एक संवेदनशील मुद्दा बन सकता है। अब यह देखना बाकी है कि रेल मंत्रालय इस सुझाव पर कितनी जल्दी अमल करता है और बिहार यात्रियों को सुविधा मिलती है या नहीं।

 

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