Tuesday, July 21

दो बालिगों के बीच प्रेम संबंध पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला

प्रयागराज: शादी का वादा कर दुष्कर्म से जुड़े विवादित मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना ने कहा कि दो बालिग व्यक्तियों के बीच सहमति से लंबे समय तक चलने वाले संबंध को, बाद में विवाह का वादा पूरा न होने पर, अपराध की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। अदालत ने ट्रायल कोर्ट में चल रही मुकदमे की कार्यवाही को रद्द कर दिया।

यह मामला अलीगढ़ के गांधी पार्क थाने में दर्ज एफआईआर से जुड़ा था। पीड़िता ने युवक जितेंद्र कुमार पर 2014 से 2021 तक शादी का झूठा वादा कर संबंध बनाने और गर्भपात कराने का आरोप लगाया था। इसके अलावा, आरोपी के भाई और भाभी पर धमकी देने का भी आरोप था।

याचिकाकर्ता के वकील ने हाईकोर्ट में दलील दी कि दोनों के बीच कॉलेज के दिनों से प्रेम संबंध था और दोनों वयस्क थे। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़िता ने 10 लाख रुपये की मांग की थी, जिसे न मिलने पर एफआईआर दर्ज कराई गई। वहीं, पीड़िता के वकील का तर्क था कि आरोपी ने शादी का झूठा वादा कर संबंध बनाए।

न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना के इस फैसले का भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा-69 के तहत दर्ज मामलों में विशेष महत्व है, जो शादी के झूठे वादे पर संबंध बनाने से संबंधित हैं।

 

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