Tuesday, July 21

शेयर मार्केट क्रैश: 15 मिनट में 4 लाख करोड़ रुपये डूबे, बजट से पहले निवेशकों को बड़ा झटका

 

 

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार सुबह भारी गिरावट देखी गई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 625 अंक (0.75%) लुढ़ककर 81,941.03 पर आ गया। निफ्टी 50 भी लगभग 194 अंक गिरकर 25,224.35 पर पहुंच गया। इस बिकवाली के कारण केवल 15 मिनट में निवेशकों की करीब 4 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति डूब गई। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर 455.73 लाख करोड़ रुपये रह गया।

 

शेयर बाजार में गिरावट के मुख्य कारण:

 

  1. बजट से पहले सतर्कता:

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को केंद्रीय बजट पेश करेंगी। निवेशक बजट की घोषणाओं का इंतजार कर रहे हैं और इसलिए उन्होंने सतर्कता बरती। विशेषज्ञों का कहना है कि बजट निवेशकों के लिए कंपनियों की कमाई और भारत की आर्थिक दिशा जानने का संकेत होगा।

 

  1. रुपया कमजोर:

भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब रहा। शुरुआती कारोबार में रुपया 7 पैसे बढ़कर 91.92 पर आया, जबकि पिछले सत्र में यह 91.9850 तक गिर चुका था। रुपये में कमजोरी के कारण पूंजी के बाहर जाने और महंगाई की आशंकाएं बढ़ी, जिससे बाजार दबाव में रहा।

 

  1. तेल की ऊंची कीमतें:

मध्य पूर्व में तनाव और ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले की आशंकाओं के कारण कच्चे तेल की कीमतें पांच महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। भारत जैसे शुद्ध तेल आयातक देशों के लिए यह नकारात्मक संकेत है।

 

  1. वैश्विक जोखिम और सतर्क माहौल:

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेशक सतर्क रहे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फेडरल रिजर्व नेतृत्व के निर्णय और सरकार को बंद होने से बचाने के प्रयासों के बीच वैश्विक बाजार में अनिश्चितता रही।

 

  1. तकनीकी संकेत:

तकनीकी विश्लेषण ने भी बाजार में कमजोरी के संकेत दिए। हालिया उछाल ने निफ्टी को प्रमुख समर्थन स्तर से उबरने में मदद की, लेकिन उच्च स्तर पर बने रहने की संभावना अनिश्चित बनी।

 

विश्लेषकों की चेतावनी:

विश्लेषकों ने निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। नए उत्प्रेरकों (triggers) की अनुपस्थिति में बाजार के उच्च स्तर पर टिके रहने की क्षमता सीमित है।

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