Tuesday, July 21

35 फीट ऊंची दीवार, कंबल-दुपट्टों की रस्सी और धोखेबाज़ प्रेमी वृंदावन महिला आश्रय सदन से पांच लड़कियों की सनसनीखेज फरारी

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन स्थित चैतन्य विहार महिला आश्रय सदन से गणतंत्र दिवस की रात सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए पांच लड़कियों के फरार होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। लड़कियों ने कंबल और दुपट्टों को जोड़कर अस्थायी रस्सी बनाई और करीब 35 फीट ऊंची दीवार फांदकर आश्रय सदन से बाहर निकल गईं। हालांकि यह ‘मिशन एस्केप’ ज्यादा समय तक सफल नहीं रहा और पुलिस ने सभी लड़कियों को अलग-अलग जिलों से बरामद कर लिया।

पुलिस के अनुसार, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस कार्यक्रमों के चलते आश्रय सदन का स्टाफ अत्यधिक थकान में था। इसी का फायदा उठाते हुए रात करीब 10 बजे पांचों लड़कियां अपने कमरों से बाहर निकलीं। उन्होंने पहले ही स्टाफ की मदद करने के बहाने छत का दरवाजा खोलने वाली चाबी चुरा ली थी।

छत पर पहुंचने के बाद लड़कियों ने कंबल और दुपट्टों को जोड़कर रस्सी बनाई और पाइप के सहारे नीचे उतरने लगीं। रस्सी छोटी पड़ने के कारण उन्हें करीब 15 फीट की ऊंचाई से छलांग लगानी पड़ी, जिसमें दिल्ली निवासी एक लड़की घायल हो गई।

जब प्रेमी ही निकला धोखेबाज़

फरारी के बाद आगरा और दिल्ली की लड़कियों ने एक लॉज से अपने-अपने प्रेमियों को फोन किया। यहीं से पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया। आगरा की लड़की के प्रेमी ने जेल जाने के डर से मदद करने के बजाय अपने वकील से संपर्क किया और वकील के माध्यम से पुलिस को लड़की की लोकेशन सौंप दी। बताया जा रहा है कि युवक पहले से ही एक दुष्कर्म के मामले में जमानत पर बाहर था।

वहीं, दिल्ली की लड़की का प्रेमी उसे लेने मथुरा रेलवे स्टेशन पहुंचा और दोनों नोएडा भाग गए। पुलिस ने रेलवे स्टेशन के CCTV फुटेज के आधार पर लोकेशन ट्रेस की और दोनों को नोएडा से गिरफ्तार कर लिया।

क्यों भागीं थीं लड़कियां?

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आगरा और दिल्ली की दोनों लड़कियां नाबालिग थीं। उनके परिजनों ने प्रेमियों के खिलाफ दुष्कर्म और अपहरण की FIR दर्ज कराई थी। जान का खतरा बताते हुए उन्हें महिला आश्रय सदन में रखा गया था।

अन्य तीन लड़कियां घरेलू प्रताड़ना और परिवार के विरोध से परेशान थीं। उन्होंने नाबालिग लड़कियों की फरारी में मदद की थी, लेकिन बाद में वे अपने-अपने घरों से ही बरामद कर ली गईं।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि आश्रय सदन की लॉबी में लगे CCTV कैमरों में लड़कियां कैद हुई हैं, लेकिन जिस स्थान से उन्होंने छलांग लगाई, वहां कोई कैमरा नहीं लगा था। 27 जनवरी की सुबह अधीक्षिका गायत्री मिश्रा को लड़कियों के गायब होने की जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल तलाश अभियान शुरू किया।

फिलहाल सभी लड़कियों को वापस महिला आश्रय सदन भेज दिया गया है। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्रय सदन की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के निर्देश दिए हैं।

 

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