Tuesday, July 21

रूपेश कुमार: मुमताज के कजन और ‘खूंखार विलेन’, अवॉर्ड फंक्शन में हुई दर्दनाक मौत

 

 

बॉलीवुड के आइकॉनिक विलेन रूपेश कुमार ने 1960 से 1990 के दशक तक फिल्मों में अपनी छाप छोड़ी। लेकिन साल 1995 में एक पॉपुलर अवॉर्ड फंक्शन में अचानक हार्ट अटैक से उनकी दर्दनाक मौत ने इंडस्ट्री और फैन्स को हिला दिया। रूपेश, अभिनेत्री मुमताज के कजन और अभिनेता दिलीप कुमार के समधी थे।

 

रूपेश कुमार का असली नाम अब्बास फराशाही था। उनका परिवार मुंबई में रेस्टोरेंट और बेकरी के व्यवसाय से जुड़ा था, लेकिन बचपन से ही उन्हें अभिनय का शौक था। 9वीं के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और घर के व्यवसाय को अलविदा कहकर फिल्मों की दुनिया में कदम रखा। उनके करियर की शुरुआत 1965 में हुई, जब उन्होंने फिल्में ‘टार्जन’ और ‘किंग कॉन्ग’ की।

 

शुरुआत में उन्हें हीरो के रोल नहीं मिले, लेकिन विलेन और सपोर्टिंग किरदारों में उनका जादू छा गया। उन्होंने 100 से अधिक फिल्मों में काम किया, जिनमें ‘सीता और गीता’, ‘अंदाज’, ‘द ग्रेट गैंबलर’, ‘जानी दुश्मन’, ‘बड़े दिलवाला’ और ‘हम पांच’ शामिल हैं। उनकी दमदार अदाकारी ने उन्हें ‘खूंखार विलेन’ के रूप में लोकप्रिय बनाया।

 

लेकिन 1995 में उनके लिए दुर्भाग्य का समय आया। एक अवॉर्ड फंक्शन में अचानक उन्हें छाती में दर्द महसूस हुआ। तुरंत ही सुनील दत्त ने उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन उससे पहले ही रूपेश कुमार का निधन हो गया। उस समय उनकी उम्र सिर्फ 49 वर्ष थी। उनकी आखिरी फिल्म ‘पापी देवता’ उसी साल रिलीज़ हुई।

 

रूपेश कुमार का निजी जीवन भी चर्चित रहा। उन्होंने शादी की थी और उनके बच्चे भी थे। उनकी बड़ी बेटी की शादी दिलीप कुमार के भांजे जाहिद खान के साथ हुई, जिससे दिलीप कुमार उनके समधी बने।

 

रूपेश कुमार की 29 जनवरी को 31वीं डेथ एनिवर्सरी थी। उनके अभिनय और विलेन की यादें आज भी बॉलीवुड प्रेमियों के दिलों में जीवित हैं।

 

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