Tuesday, July 21

लखनऊ में प्रवेश करते ही दिखेगी यूपी की सांस्कृतिक पहचान, सात भव्य द्वारों के निर्माण को सीएम योगी की मंजूरी

राजधानी लखनऊ में प्रवेश करने वाले लोगों का जल्द ही भव्य और सांस्कृतिक विरासत से सुसज्जित प्रवेश द्वार स्वागत करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में शहर के सात प्रमुख प्रवेश मार्गों पर भव्य द्वारों के निर्माण को मंजूरी दे दी है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन प्रवेश द्वारों के डिजाइन में उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक पहचान स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजधानी में कदम रखते ही आगंतुकों को प्रदेश की गौरवशाली परंपरा और विरासत का अनुभव होना चाहिए।

सीएम योगी ने बताया कि लखनऊ से प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, नैमिषारण्य, हस्तिनापुर, मथुरा और झांसी की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर संबंधित धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों की पहचान को दर्शाते हुए प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे।

शासकीय भवनों के रखरखाव में होगी एकरूपता
बैठक में मुख्यमंत्री ने शासकीय भवनों के रखरखाव (मेंटेनेंस) व्यवस्था में एकरूपता लाने पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सड़क निर्माण की तर्ज पर सभी नए सरकारी भवनों में पांच वर्ष का भुगतान आधारित मेंटेनेंस अनिवार्य किया जाए। पुराने भवनों के रखरखाव के लिए अलग से कॉर्पस फंड बनाए जाने के निर्देश भी दिए गए।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए भवन, सड़क, पुल, सीवर लाइन और जलापूर्ति परियोजनाओं का थर्ड पार्टी क्वॉलिटी ऑडिट आईआईटी, एनआईटी एवं अन्य सरकारी तकनीकी संस्थानों से कराने को कहा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय अनुशासन, पूंजीगत व्यय और राजस्व वृद्धि के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने देश में नया मानक स्थापित किया है। अब लक्ष्य खर्च की गुणवत्ता और डिजिटल पारदर्शिता को और मजबूत बनाना है, ताकि प्रदेश को सबसे सक्षम और विश्वसनीय वित्तीय प्रशासन वाला राज्य बनाया जा सके।

कौशल प्रशिक्षण केंद्रों में अखबार पढ़ना अनिवार्य
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने प्रदेश के सभी अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण केंद्रों पर रोजाना अखबार पढ़ना अनिवार्य कर दिया है। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश के 75 जिलों में संचालित 800 से अधिक प्रशिक्षण केंद्रों में वर्तमान में एक लाख से ज्यादा प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण ले रहे हैं। इससे पहले बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग प्रदेश के सभी स्कूलों में अखबार पढ़ना अनिवार्य कर चुका है।

 

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