Tuesday, July 21

मुसलमानों को गाली देने से नहीं बनेगा हिंदू राष्ट्र, पहले खुद को सुधारें हिंदू: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बांदा दौरे पर बोले बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर, कुरीतियों पर की आत्ममंथन की अपील

बांदा।
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर महंत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का एक दिवसीय दौरा खासा चर्चा में रहा। भाजपा सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी के आमंत्रण पर वे खुरहंड पहुंचे, जहां विधायक आवास पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस दौरान अपने संबोधन में धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदू समाज को आत्ममंथन की नसीहत देते हुए दो टूक कहा कि मुसलमानों को गाली देने से भारत हिंदू राष्ट्र नहीं बनेगा, इसके लिए पहले हिंदुओं को अपनी कुरीतियों और कमजोरियों को सुधारना होगा।

कुरीतियां दूर किए बिना लक्ष्य संभव नहीं

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि हिंदू राष्ट्र की अवधारणा को साकार करने के लिए समाज को भीतर से मजबूत होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि किसी दूसरे समुदाय को निशाना बनाकर या अपशब्द कहकर देश आगे नहीं बढ़ सकता। “हिंदुओं को पहले अपनी बुराइयों, आपसी मतभेदों और सामाजिक कुरीतियों को दूर करना होगा, तभी राष्ट्र निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा,” उन्होंने कहा।

आपसी सम्मान और कानून के पालन पर जोर

अपने भाषण में उन्होंने समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की। बिना किसी धर्म का नाम लिए तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि अलग-अलग समाजों में अलग परंपराएं और नियम होते हैं। किसी समाज की अच्छाई या बुराई तय करना उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि सभी को कानून के दायरे में रहकर आपसी सम्मान के साथ जीवन जीना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नियमों का पालन करने से ही समाज सुरक्षित और व्यवस्थित रह सकता है।

आस्था में दिखावा नहीं, पूर्ण विश्वास जरूरी

धर्म और आस्था पर बोलते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि भगवान पर भरोसा आधा-अधूरा नहीं होना चाहिए। कभी एक जगह, कभी दूसरी जगह आस्था दिखाना और फिर शिकायत करना कि भगवान कृपा नहीं कर रहे—यह सही नहीं है। सच्चे मन से किया गया विश्वास कभी व्यर्थ नहीं जाता।

उन्होंने कहा, “मेरा काम लोगों से मिलना है, कथा करना है, लेकिन बिगड़ी बनाना भगवान का काम है। भगवान से चीजें मांगने के बजाय भगवान को ही मांग लो।”

दूसरा दौरा, दिखा भारी उत्साह

गौरतलब है कि बीते दस दिनों में यह धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बांदा का दूसरा दौरा था। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े और पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल देखने को मिला।

 

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