Tuesday, July 21

पूर्व सीएम राजिंदर कौर भट्टल के ‘बम धमाके’ वाले खुलासे से कांग्रेस में हलचल, बीजेपी और आप हमलावर

चंडीगढ़: 2027 में पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए एक बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है। पंजाब की पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्टल ने हाल ही में एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि उन्हें चुनाव जीतने के लिए अफसरों ने बाजारों और ट्रेनों में बम धमाके कराने की सलाह दी थी, जिसे उन्होंने तुरंत ठुकरा दिया। भट्टल ने कहा कि उन्होंने अफसरों को साफ तौर पर चेतावनी दी कि वह लाशों की राजनीति नहीं करेंगी और छोटी सी घटना पर भी बड़े कार्रवाई की हिदायत दी।

इस बयान के बाद कांग्रेस पर राजनीतिक दबाव बढ़ गया है। बीजेपी और आम आदमी पार्टी (AAP) ने कांग्रेस को हिंसा और हत्या की राजनीति का आरोपी ठहराया। बीजेपी नेता सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब पहले से ही कानून-व्यवस्था की चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे में नेताओं को जिम्मेदारी से बोलना चाहिए। दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि जब-जब यह पार्टी सत्ता में रही, राज्य को हिंसा और गैंगस्टर जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। AAP प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि भट्टल को उन अफसरों के नाम सार्वजनिक करने चाहिए, जिन्होंने धमाके करने की सलाह दी।

कांग्रेस की ओर से पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने बयान देकर सफाई दी और कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में ऐसी किसी सलाह पर कोई अमल नहीं हुआ। प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इसे भट्टल का व्यक्तिगत अनुभव बताया और विपक्षी दलों पर पलटवार करते हुए कहा कि अराजकता अकाली दल के शासनकाल में हुई, जबकि बीजेपी पर पुलवामा हमले के लिए भी हमला बोला।

विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस के पुराने नेता लगातार पार्टी की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। पिछले महीनों में नवजोत कौर सिद्धू के 500 करोड़ के सूटकेस वाले बयान और पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी की दलित नेताओं की अनदेखी पर चिंता जताने के बाद पार्टी को बार-बार सफाई देनी पड़ी है।

राजिंदर कौर भट्टल का यह बयान कांग्रेस के लिए राजनीतिक और भावनात्मक दोनों ही स्तर पर चुनौती बन गया है, और विपक्ष इसे चुनावी मुद्दे के रूप में उभारने में जुटा है।

 

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.