Tuesday, July 21

भारत-ईयू ट्रेड डील: UAE ने खुशी जताई, उम्मीद जताई—हम भी जल्द मंजिल तक पहुँचेंगे

नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर हलचल मचा दी है। एक ओर अमेरिका ने अपनी नाराजगी जताई, वहीं भारत का करीबी मुस्लिम दोस्त देश संयुक्त अरब अमीरात (UAE) इस समझौते से खुश है और उम्मीद जताई है कि जल्द ही वह भी EU के साथ समान रूप से लाभकारी ट्रेड डील कर सकेगा।

UAE का बयान: UAE ने इस समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि यह इकोनॉमिक पार्टनरशिप का एक मॉडल है, जो सस्टेनेबल ग्रोथ और खुशहाली का समर्थन करता है। UAE ने उम्मीद जताई कि उसकी EU के साथ चल रही बातचीत भी सकारात्मक अंत पर पहुंचेगी और द्विपक्षीय समझौते पर साइन होंगे। उन्होंने भारत के साथ अपने कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) की अहमियत पर भी जोर दिया, जिसे उन्होंने आपसी हितों, आर्थिक इंटीग्रेशन और स्थायी विकास का उदाहरण बताया।

भारत को फायदे:

  • मोबिलिटी पैक्ट छात्रों, कर्मचारियों और भारतीय रिसर्चर्स के लिए नए अवसर खोलेगा।
  • भारतीयों के लिए विदेश में काम के नए रास्ते खुलेंगे, जिससे NRI निवेश बढ़ेगा।
  • भारतीय निर्यात को तरजीह मिलेगी, उत्पादन और सेवा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
  • MSMEs और स्टार्टअप्स को वैश्विक सहयोग के नए अवसर मिलेंगे।
  • घरेलू बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे उपभोक्ताओं को फायदा होगा।

यूरोप को फायदे:

  • भारत को निर्यात होने वाले 90% से अधिक सामान पर शुल्क में कमी।
  • यूरोपीय देशों को लगभग 4 अरब यूरो की बचत।
  • उच्च तकनीक वाले यूरोपीय उत्पाद भारत में आसानी से उपलब्ध।

अमेरिका की प्रतिक्रिया: अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यह डील बताती है कि यूरोप ने व्यापारिक हितों को यूक्रेन की चिंता से ऊपर रखा। उनका मानना है कि यूरोप ने पिछले साल भारत पर टैरिफ लगाने के अमेरिकी फैसले का समर्थन नहीं किया और इस डील के जरिए अपने हितों को सुरक्षित किया।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह डील भारत के लिए आर्थिक और वैश्विक सहयोग का अवसर है, वहीं UAE जैसे मित्र देशों के लिए प्रेरणा भी बन सकती है कि वे भी वैश्विक ट्रेड नेटवर्क में अपनी स्थिति मजबूत करें।

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