Tuesday, July 21

पाकिस्तान प्रेम में डूबी बांग्लादेश की यूनुस सरकार भारत के सूती धागे पर लगाने जा रही ड्यूटी, टेक्सटाइल उद्योग में हलचल

ढाका।
शेख हसीना के जाने के बाद सत्ता संभालने वाले मोहम्मद यूनुस ने भारत के प्रति शुरुआती दिनों से ही विरोधी रुख अपनाया है। अब उनकी सरकार बांग्लादेश में आयात होने वाले सूती धागे पर कस्टम ड्यूटी लगाने की तैयारी कर रही है, जिससे भारत के निर्यातक सीधे प्रभावित होंगे।

मुख्य बिंदु:

  • बांग्लादेश का कपड़ा उद्योग ज्यादातर भारत से धागा आयात करता है। 2025 में भारत ने बांग्लादेश को 57 अरब डॉलर मूल्य का सूती धागा निर्यात किया, जिसमें कुल शिपमेंट का 45.9 प्रतिशत बांग्लादेश ने खरीदा।
  • यूनुस सरकार का उद्देश्य घरेलू कपास उत्पादकों को राहत देना है और आयात पर 10–20 प्रतिशत ड्यूटी लगाने पर विचार कर रही है। इससे घरेलू कीमतों में गिरावट रोकी जा सकेगी।
  • हालांकि, टेक्सटाइल मिलों और निर्यातक इसका विरोध कर रहे हैं। उनका तर्क है कि आयातित भारतीय धागा गुणवत्ता और कीमत में बेहतर है, और ड्यूटी लगाने से उत्पादन लागत बढ़ेगी, शिपमेंट में देरी होगी और बांग्लादेश की वैश्विक प्रतिस्पर्धा कमजोर होगी।
  • पिछले साल अप्रैल में यूनुस सरकार ने भूमि मार्ग से भारत से धागा आयात रोक दिया था, लेकिन घरेलू धागे की मांग में सुधार नहीं हुआ। इसी कारण अब आयात पर टैक्स लगाने की मांग बढ़ रही है।
  • 12 फरवरी को बांग्लादेश में राष्ट्रीय चुनाव होने वाले हैं, इसलिए अंतिम फैसला नई सरकार पर छोड़ा जा सकता है।

नतीजा:
अगर यूनुस सरकार आयात पर ड्यूटी लगाती है, तो यह भारत के सूती धागे के निर्यातक और बांग्लादेश की टेक्सटाइल इंडस्ट्री दोनों के लिए बड़ा असर डालेगा। यह कदम भारत-बांग्लादेश व्यापार संबंधों में नई चुनौतियां खड़ी कर सकता है और पाकिस्तान के साथ बांग्लादेश के बढ़ते निकटता को भी दर्शाता है।

 

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