Tuesday, July 21

बजट से पहले कांग्रेस का केंद्र पर हमला नीति निर्धारण में तालमेल की कमी का आरोप, आंकड़ों पर उठाए सवाल

नई दिल्ली। आम बजट से ठीक पहले कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर नीति निर्धारण में समन्वय की कमी का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने सवाल किया है कि जब बजट पेश होने के कुछ ही दिनों बाद जीडीपी और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) की नई शृंखलाएं जारी होने वाली हैं, तो क्या बजट में पेश किए जाने वाले आंकड़ों में बाद में संशोधन किया जाएगा।

रविवार को पेश होगा बजट

कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट रविवार को पेश किया जाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि देश की राज्य सरकारें आशंकित होकर यह जानने का इंतजार कर रही होंगी कि बजट में उनके हिस्से क्या आएगा, खासकर तब जब वित्त मंत्री 16वें वित्त आयोग की सिफारिशें लागू करने की घोषणा करने वाली हैं।

वित्त आयोग की भूमिका

रमेश ने बताया कि वित्त आयोग का गठन संविधान के अनुच्छेद 280 के तहत हर पांच वर्ष में किया जाता है। यह आयोग केंद्र द्वारा एकत्र कर राजस्व में राज्यों की हिस्सेदारी, उसका राज्यों के बीच वितरण तथा विशेष अनुदानों की सिफारिश करता है।
उन्होंने कहा कि 16वां वित्त आयोग वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए सिफारिशें करेगा।

बजट से जुड़ी दो प्रमुख चिंताएं

कांग्रेस नेता ने कहा कि बजट को लेकर दो गंभीर चिंताएं हैं। पहली यह कि बजट के कई आंकड़े जीडीपी के प्रतिशत के रूप में प्रस्तुत किए जाएंगे, जबकि 27 फरवरी 2026 को 2022-23 को आधार वर्ष मानकर नई और अद्यतन जीडीपी शृंखला जारी की जानी है।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या 1 फरवरी 2026 को पेश किए जाने वाले बजट आंकड़ों में इसके बाद संशोधन किया जाएगा?

सीपीआई और डब्ल्यूपीआई पर भी सवाल

रमेश ने दूसरी चिंता जताते हुए कहा कि 12 फरवरी 2026 को 2024 को आधार वर्ष मानकर नई उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) शृंखला जारी होने की संभावना है। आशंका है कि इसमें खाद्य कीमतों की हिस्सेदारी में तेज गिरावट दिखाई दे सकती है, जिसका असर बजट से जुड़े आंकड़ों पर पड़ेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) में भी संशोधन किया जा रहा है, जिसे आने वाले महीनों में सार्वजनिक किया जा सकता है।

तालमेल की कमी का आरोप

कांग्रेस नेता ने कहा कि यह पूरी स्थिति केंद्र सरकार के नीतिनिर्माण में तालमेल की कमी को दर्शाती है।
गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को अपना रिकॉर्ड नौवां बजट पेश करेंगी, जिनमें दो अंतरिम बजट भी शामिल हैं।

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