Tuesday, July 21

जैसलमेर से पाक जासूस गिरफ्तार, 5 हजार रुपये में बेच रहा था सेना की गोपनीय जानकारी, बड़े नेटवर्क के खुलासे के संकेत

जैसलमेर। राजस्थान इंटेलिजेंस ने जैसलमेर से एक पाकिस्तानी जासूस को गिरफ्तार कर देश की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर खुलासा किया है। आरोपी पिछले करीब डेढ़ साल से भारतीय सेना से संबंधित गोपनीय और संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) को भेज रहा था। जांच में सामने आया है कि प्रत्येक टास्क के बदले उसे 5 से 10 हजार रुपये तक की रकम दी जाती थी।

पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में पोकरण के सांकड़ा निवासी झबराराम (28) को 30 जनवरी को जैसलमेर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद शनिवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। रिमांड के दौरान उससे और भी अहम जानकारियां जुटाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

मोबाइल से मिले आईएसआई हैंडलर्स से संपर्क के सबूत

इंटेलिजेंस अधिकारियों के अनुसार आरोपी के मोबाइल फोन से आईएसआई हैंडलर्स के साथ हुई चैट, निर्देश और भुगतान से जुड़े डिजिटल सबूत बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से लगातार पाकिस्तानी एजेंसियों के संपर्क में था और भारत विरोधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल था।

हनीट्रैप और पैसों के लालच में फंसा

पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी को हनीट्रैप और पैसों के लालच में फंसाकर भारतीय सेना की गतिविधियों, लोकेशन और सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़ी संवेदनशील सूचनाएं हासिल की जा रही थीं। करीब 19 महीनों से वह लगातार यह जानकारियां पाकिस्तान भेज रहा था।

टास्क के हिसाब से होता था भुगतान

जांच एजेंसियों ने बताया कि आईएसआई हैंडलर्स आरोपी को अलग-अलग टास्क देते थे। जानकारी भेजने के बाद उसके बैंक खाते में 5 से 10 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर की जाती थी। बैंक खातों की जांच में कई संदिग्ध लेनदेन के प्रमाण मिले हैं।

सिम का ओटीपी भी किया साझा

आरोपी ने अपने नाम से जारी सिम कार्ड का ओटीपी पाकिस्तानी हैंडलर्स को देकर वॉट्सएप अकाउंट एक्टिवेट करवाया था, जिसका इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।

और बड़े नेटवर्क की जांच जारी

एडीजी (इंटेलिजेंस) प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि आरोपी से पूछताछ में यह भी सामने आ सकता है कि वह कितने आईएसआई हैंडलर्स के संपर्क में था और अब तक कितनी गोपनीय सूचनाएं साझा की गई हैं। सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी हैं।

 

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