Tuesday, July 21

‘जियोपॉलिटिकल टेंशन के बीच भारत-फ्रांस पार्टनरशिप जीवन रेखा’ – CJI सूर्यकांत

नई दिल्ली: मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने इंडो-फ्रेंच लीगल एंड बिजनेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दुनिया में बढ़ती अशांति और भू-राजनीतिक तनाव अंतरराष्ट्रीय सहयोग को कमजोर कर रहे हैं। ऐसे माहौल में भारत और फ्रांस की साझेदारी सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि जीवन रेखा है।

CJI सूर्यकांत ने बताया कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार पिछले एक दशक में दोगुना से अधिक बढ़कर वित्तीय वर्ष 2009-10 में 6.4 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर पिछले वित्तीय वर्ष में 15.11 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी केवल कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि रक्षा, सुरक्षा, सतत विकास और उन्नत तकनीकों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में फैली हुई है।

उन्होंने ‘क्रॉस-बॉर्डर डिस्प्यूट रेजोल्यूशन: कोर्ट्स, आर्बिट्रेशन एंड इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026’ विषय पर बोलते हुए कहा, फ्रांस और भारत का रिश्ता सदियों पुराना है और यह किसी सुविधा के लिए नहीं बना है। आज इस इतिहास की नींव पर खड़े होकर, हम अनिश्चितताओं से भरी दुनिया का सामना कर रहे हैं। विघटनकारी ताकतें और भूराजनीतिक तनाव अंतरराष्ट्रीय सहयोग के पूरे ढांचे को अस्थिर करने की धमकी दे रहे हैं। ऐसी दुनिया में, फ्रांसभारत साझेदारी कोई विलासिता नहीं है; यह एक जीवन रेखा है।

सूर्यकांत ने यह भी कहा कि दोनों देश लोकतंत्र, कानून के शासन और शांतिपूर्ण एवं न्यायपूर्ण वैश्विक व्यवस्था की साझा मान्यता से एकजुट हैं। उन्होंने भारतीय मध्यस्थता केंद्रों और पेरिस स्थित संस्थानों के बीच संस्थागत साझेदारी को और गहरा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

 

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.