Tuesday, July 21

Semi-Conductor Mission 2.0 मोदी सरकार का बड़ा ऐलान, भारत बनेगा ‘ग्लोबल चिप हब’

नई दिल्ली: मोदी सरकार ने बजट 2026 में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की है। इस महत्वाकांक्षी मिशन के लिए सरकार ने 40,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसका उद्देश्य भारत को चीन और वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले चिप उत्पादन और AI तकनीक में अग्रणी बनाना है।

इस मिशन के तहत सिर्फ देश में चिप उत्पादन ही नहीं बढ़ाया जाएगा, बल्कि युवाओं को भी इस काबिल बनाया जाएगा कि वे स्वदेशी चिप डिजाइन और AI तकनीक में दक्ष हों।

भारत बनेगा चिप निर्माण का हब
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के जरिए देश में सेमीकंडक्टर बनाने वाली मशीनों, कच्चे माल और सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि आने वाले समय में स्मार्टफोन, लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस न केवल सस्ते होंगे, बल्कि विदेशों में भी निर्यात किए जा सकेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि तकनीक हर भारतीय के लिए आसान और सुलभ हो, जैसे UPI और डिजिलॉकर।

यूनिवर्सिटी से तैयार होंगे चिप और AI एक्सपर्ट्स
रिपोर्ट्स के अनुसार, मौजूदा 315 विश्वविद्यालयों के छात्र पहले से चिप डिजाइन कर रहे हैं। अब इस मॉडल को AI के क्षेत्र में भी लागू किया जाएगा। अगले चरण में 500 विश्वविद्यालयों में AI के विशेष कोर्स शुरू किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य ‘कॉमन कंप्यूट स्टैक’ तैयार करना है, ताकि तकनीक पर कुछ कंपनियों का कब्जा न रहे और यह सभी के लिए उपलब्ध हो।

सस्ते होंगे मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
बजट 2026 के बाद मोबाइल फोन और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बैटरी की कीमत घटने की संभावना है। इससे स्मार्टफोन और माइक्रोवेव ओवन जैसे उपकरण सस्ते होंगे। इसके अलावा बड़ी बैटरी वाले स्मार्टफोन भी आम लोगों तक सुलभ होंगे।

इस मिशन के पूरा होने से भारत चिप उत्पादन और AI तकनीक में दुनिया के प्रमुख देशों की कतार में शामिल होने की दिशा में बड़ा कदम उठाएगा।

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