Tuesday, July 21

अजनारा होम्स के बेसमेंट में भरा सीवर का पानी, 2 हजार निवासी परेशान, बिल्डर पर 54 लाख का जुर्माना

ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित अजनारा होम्स सोसायटी के बेसमेंट में सीवर का गंदा पानी भर जाने से करीब दो हजार निवासी बदबू और गंदगी के बीच रहने को मजबूर हो गए। मामले की शिकायत मिलने पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने मौके पर निरीक्षण किया और सोसायटी के बिल्डर पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इसके साथ ही कूड़ा निस्तारण में लापरवाही बरतने पर अतिरिक्त 4 लाख रुपये की पेनाल्टी भी लगाई गई है।

जानकारी के अनुसार, सोसायटी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) पिछले दो वर्षों से बंद पड़ा है। बिना शोधित सीवर का पानी सीधे नाले में बहाया जा रहा था। रविवार को अचानक पाइप फटने से एम, एल और जे टावरों के बेसमेंट में गंदा पानी भर गया। बेसमेंट में पार्किंग होने के कारण स्थिति और गंभीर हो गई। करीब चार फुट तक पानी भरने से पूरी सोसायटी में तीव्र बदबू फैल गई। प्रभावित तीनों टावरों में 400 से अधिक फ्लैट हैं।

ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने बताया कि बिल्डरों की जिम्मेदारी है कि वे सोसायटी में एसटीपी का नियमित संचालन सुनिश्चित करें। बिना शोधित सीवर नाले में छोड़ना गंभीर उल्लंघन है, जिस पर कार्रवाई जारी है।

अधिकारियों ने बताया कि सोसायटी को पहले भी नोटिस जारी कर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था, लेकिन इसके बावजूद एसटीपी चालू नहीं किया गया। प्रतिदिन लगभग 1.15 एमएलडी सीवरेज बिना उपचार के नाले में छोड़ा जा रहा है। सोसायटी के रखरखाव की जिम्मेदारी संभाल रही एजेंसी के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए पुलिस को पत्र भेजा गया है।

जांच के दौरान यह भी पाया गया कि परिसर में भूजल का दोहन कर उसे सफाई और उद्यान कार्यों में उपयोग किया जा रहा था। सीवर विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक सन्नी यादव ने सोसायटी को चेतावनी दी है कि जल्द व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएं, अन्यथा सख्त कार्रवाई होगी।

25 सोसायटियों पर पहले भी हो चुकी कार्रवाई

प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार शहर की कई सोसायटियों में एसटीपी बंद होने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद 220 बिल्डर सोसायटियों को नोटिस भेजकर एसटीपी की स्थिति की जानकारी मांगी गई। इनमें से केवल 35 ने जवाब दिया। जांच में इन 35 सोसायटियों की रिपोर्ट भी भ्रामक पाई गई और अधिकांश स्थानों पर एसटीपी बंद मिले। अब तक 25 सोसायटियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।

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