Tuesday, July 21

भारत-अमेरिका टैरिफ समझौते से पाकिस्तान में हलचल, शहबाज सरकार पर सोशल मीडिया में तंज

भारत और अमेरिका के बीच हुए नए व्यापार समझौते ने न सिर्फ दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को नई दिशा दी है, बल्कि पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज कर दी है। अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, जबकि पाकिस्तान पर 19 प्रतिशत टैरिफ बरकरार रखा गया है। इस फैसले के बाद पाकिस्तान में शहबाज शरीफ सरकार को सोशल मीडिया पर तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बातचीत के बाद इस समझौते की घोषणा की गई। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप प्रधानमंत्री मोदी को अपना “बहुत अच्छा मित्र” मानते हैं। इस बयान के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक विश्लेषकों और आम लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।

पाकिस्तान में उठे सवाल

पाकिस्तान के विशेषज्ञ जावेद हसन ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि पाकिस्तानी नेतृत्व लंबे समय से डोनाल्ड ट्रंप की सार्वजनिक रूप से तारीफ करता रहा है, इसके बावजूद उसे भारत से बेहतर टैरिफ डील नहीं मिल सकी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भारत ने ट्रंप को नोबेल पुरस्कार के लिए नामित तक नहीं किया, फिर भी उसे पाकिस्तान से कम टैरिफ का लाभ मिला।

सोशल मीडिया पर कई पाकिस्तानी यूज़र्स ने सवाल उठाया कि अमेरिका के साथ “अच्छे रिश्तों” का दावा करने वाली शहबाज शरीफ सरकार को आखिर ठोस लाभ क्या मिला। कई पोस्ट्स में यह भी कहा गया कि कूटनीति सिर्फ तारीफों से नहीं, बल्कि रणनीतिक समझ और मजबूत आर्थिक आधार से चलती है।

भारत-अमेरिका संबंधों को मिली नई मजबूती

भारत-अमेरिका के बीच घोषित इस व्यापार समझौते को दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। बीते वर्ष अमेरिका ने भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया था और रूस से तेल खरीदने के कारण अलग से 25 प्रतिशत शुल्क लगाया गया था, जिससे कुल टैरिफ 50 प्रतिशत तक पहुंच गया था। अब नए समझौते के तहत इसे घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए लिखा कि उनसे बातचीत करना सम्मान की बात है और दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर सहमति आपसी मित्रता और सम्मान का परिणाम है।

क्षेत्रीय राजनीति पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से भारत-अमेरिका आर्थिक सहयोग को मजबूती मिलेगी, वहीं पाकिस्तान में यह मुद्दा घरेलू राजनीति में सरकार के लिए असहज सवाल खड़े कर सकता है। भारत-अमेरिका संबंधों में आई यह नजदीकी दक्षिण एशियाई क्षेत्र की कूटनीति पर भी असर डालने वाली मानी जा रही है।

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