Tuesday, July 21

आज पेश होगा बिहार का बजट: अनुमान से अधिक 3.5 लाख करोड़, रोजगार और विकास पर होगा दांव

पटना: बिहार की एनडीए सरकार आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में यह पहला पूर्ण बजट है, जिसे वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव सदन के पटल पर रखेंगे। इस बार बजट का अनुमान 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक है, जिसमें पिछले साल की तुलना में 10% से अधिक वृद्धि होने की संभावना है।

विशेष रूप से रोजगार और बुनियादी ढांचे पर फोकस होगा। चुनावी वादों के अनुरूप ‘1 करोड़ नौकरी’ का लक्ष्य बजट में नजर आने की उम्मीद है। युवाओं के लिए कौशल विकास और नए रोजगार सृजन हेतु विशेष आवंटन किया जा सकता है।

हालांकि, सरकार के सामने सैलरी, पेंशन और प्रशासनिक खर्चों का भारी बोझ सबसे बड़ी चुनौती है। पिछले पांच वर्षों में वेतन और पेंशन पर खर्च कई गुना बढ़ गया है, जिससे विकास कार्यों के लिए फंड जुटाना कठिन हो गया है।

बजट की सबसे बड़ी चुनौती राजस्व वृद्धि है। RBI की रिपोर्ट के अनुसार बिहार अपनी जरूरतों का केवल 27% राजस्व ही स्वयं जुटा पाता है, जबकि गुजरात और महाराष्ट्र जैसे विकसित राज्यों में यह आंकड़ा 70% से अधिक है। इस बार भी सरकार को केंद्रीय करों और अनुदानों पर निर्भर रहना होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि बजट में 10% से अधिक की वृद्धि के साथ राज्य का कुल बजट रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है और यह रोजगार, पेंशन और विकास पर सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करेगा।

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