Tuesday, July 21

बुलेट ट्रेन से बदल सकती है क्षेत्र की तकदीर: वाराणसी हब, प्रयागराज और लखनऊ तक को होगा फायदा राहुल पराशर, वाराणसी

केंद्रीय बजट 2026 में उत्तर प्रदेश को हाई स्पीड रेल नेटवर्क की सौगात मिली है। इसके तहत वाराणसी को दो हाई स्पीड कॉरिडोर का हब बनाया जाएगा, जिससे न केवल शहर की छवि बदलेगी बल्कि पूरे पूर्वांचल और नॉर्थ-ईस्ट क्षेत्र में विकास को भी गति मिलेगी।

वाराणसी-सिलीगुड़ी और दिल्ली से जुड़ाव
वाराणसी से सिलीगुड़ी होते हुए पटना तक बुलेट ट्रेन चलेगी, जबकि वाराणसी से दिल्ली तक हाई स्पीड रेल लिंक तैयार किया जाएगा। एलिवेटेड और अंडरग्राउंड रेल लाइन पर 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ेंगी। इस परियोजना से न केवल राजधानी दिल्ली से पूर्वी क्षेत्र तक की दूरी कम होगी, बल्कि वाराणसी एक प्रमुख रेल हब के रूप में उभरेगा।

यात्रा समय में भारी कमी
वर्तमान में दिल्ली से वाराणसी पहुंचने में 10 से 10.5 घंटे लगते हैं, जबकि सिलीगुड़ी से वाराणसी की दूरी पूरी करने में बागमती एक्सप्रेस को 17 घंटे लगते हैं। बुलेट ट्रेन के परिचालन से दिल्ली से वाराणसी का सफर करीब 4.5 घंटे में पूरा होगा, वहीं वाराणसी-सिलीगुड़ी की यात्रा भी 4–4.5 घंटे में संभव होगी।

विकास और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
हाई-स्पीड मोबिलिटी से न केवल यात्रा समय कम होगा बल्कि क्षेत्रीय विकास योजनाओं को भी रफ्तार मिलेगी। प्रयागराज और लखनऊ समेत पूरे पूर्वांचल के व्यापार, रोजगार और धार्मिक पर्यटन को इससे बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

सीएम योगी की सराहना
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस योजना की सराहना करते हुए इसे प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उनका कहना है कि बुलेट ट्रेन परियोजना से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि व्यापारिक संस्थान और धार्मिक पर्यटन को भी नया बूस्ट मिलेगा।

वाराणसी अब देश के पूर्वी भाग में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का केंद्र बनकर विकास की नई दिशा तय करने जा रहा है।

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